हिसार। नागरिक अस्पताल में वीरवार को दुष्कर्म पीड़िता महिला पुलिसकर्मी द्वारा हंगामा करने के मामले में शुक्रवार को चिकित्सा अधिकारी ने केस दर्ज कराया। उन्होंने पीड़िता पर जांच में सहयोग करने की बजाए थप्पड़ मारने, कपड़े फाड़ने और गला दबाने का आरोप लगाया। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है।
सिटी थाने में दी शिकायत में चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपिका मलिक ने बताया कि वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आर्य नगर में तैनात है, लेकिन 20 मार्च को वह नागरिक अस्पताल में ड्यूटी पर थी। दोपहर 12 बजे एसआई बबीता ने फोन किया कि दुष्कर्म के मामले में एक पीड़िता का शारीरिक परीक्षण करवाना है। करीब 12.10 बजे मैं इमरजेंसी में पहुंच गई।
वहां मरीज से पूछताछ की तो वह भड़क गई और बदतमीजी शुरू कर दी। इस पर वह ड्यूटी रूम में चली गई, लेकिन पीड़िता ने वहां आकर काफी देर तक हंगामा किया। काम में बाधा पहुंचाई। सहयोग के लिए डायल 112 पर फोन किया। इसके साथ ही सीएमओ, पीएमओ को सूचित किया। करीब दो बजे पीसीआर व डीएमएस डॉ. लता सांगवान मौके पर पहुंचीं। इनकी मौजूदगी में पीड़िता की एमएलआर व सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू की। शाम करीब 5 बजे पीड़िता को एमएलआर पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा तो मना कर दिया। उसने थप्पड़ मारा, कपड़े फाड़े और मेरा गला दबा दिया। बड़ी मुश्किल से गला छुड़वाकर जान बचाई। इतना ही नहीं पीड़िता ने एमएलआर भी फाड़ दी और कहा कि हरियाणा पुलिस में तैनात हूं और तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। छुट्टी होने के बाद तुम्हें जान से मरवा दूंगी। मैंने डयूटी रूम में छुपकर जान बचाई। बता दें कि महिला पुलिस कर्मी ने गांव भगाना के राहुल फौजी पर दुष्कर्म का केस दर्ज कराया है।