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The train was hit by a tractor trolley, a death

Mon, 09 Jun 2014 12:31 AM IST
हिसार
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गांव आदमपुर में सीसवाल-कोहली मार्ग पर बने मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग फाटक पर रविवार शाम को हिसार से आदमपुर की ओर आ रही रेलगाड़ी की ट्रैक्टर-ट्राली से भिड़ंत हो गई। रेवाड़ी से गंगानगर जा रही ट्रेन की चपेट में आने से ट्रैक्टर-ट्राली के परखच्चे उड़ गए।
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हादसे में ट्रैक्टर व ट्राली हवा में उछलकर दूर जा गिरी। ट्रैक्टर चालक सीसवाल निवासी 36 वर्षीय धर्मपाल की मौके पर ही मौत हो गई। दुघर्टना होते ही ट्रेन रुक गई और सैकड़ों लोगों का हुजूम जुट गया। टक्कर से इंजन की पावर फेल हो गई और हिसार स्टेशन से दूसरा इंजन मंगवाना पड़ा।

रविवार शाम 5 बजकर 10 मिनट पर हिसार से आदमपुर के लिए ट्रेन चली थी। जाखोद खेड़ा स्टेशन से रवाना होने के बाद जैसे ही ट्रेन गांव आदमपुर के मानव रहित फाटक के पास पहुंची तो गांव सीसवाल से सीमेंट, क्रेशर, रोड़ी व सरिया लेकर जा रही ट्रैक्टर-ट्राली से टक्कर हो गई।
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ट्रेन चालक ने ट्रैक्टर-ट्राली को देख लिया था, जिस पर ट्रेन के इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन तब तक ट्रेन की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि ट्रैक्टर और ट्राली दोनों हवा में उछलकर दूर जा गिरे। ट्राली पर लदी क्रेशर व सीमेंट काफी दूर तक फैल गई। हादसे में ट्रैक्टर चला रहे गांव सीसवाल निवासी धर्मपाल पुत्र हरबज सिरोही की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के दौरान ट्रेन चालक जितेंद्र कुमार और सहायक सिकंदर पूनिया ने गाड़ी रोक दी। चालक और यात्री गाड़ी से नीचे उतर आए और माजरा देखकर उच्चाधिकारियों को सूचना दी। पावर फेल होने के कारण गाड़ी भी एक घंटा 40 मिनट तक खड़ी रही।

बाद में 6 बजकर 55 मिनट पर हिसार से आया इंजन गाड़ी को वापस जाखोद खेड़ा स्टेशन की ओर ले गया। हादसे पर सैकड़ों ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। मृतक के चचेरे भाई सुभाष ने बताया कि धर्मपाल सीसवाल गांव में एक सीमेंट की दुकान पर मजदूरी करता था। उसके एक लड़का व एक लड़की है।


बाद में सूचना पाकर रेलवे के क्षेत्रीय अधिकारी मुकेश श्रीवास्वत, सीएमआई धर्मबीर और हिसार से एसएचओ देशराज, एएसआई रिसाल सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। हादसे की सूचना पर एंबुलेंस गाड़ी भी पहुंची, लेकिन मौके पर ही चालक की मौत हो चुकी थी।

सवारी गाड़ी के सामने ट्रैक पर ट्रैक्टर ट्राली देख ट्रेन के चालक ने दो बार इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन ब्रेक काम नहीं आए और अंतत:ट्रेन की ट्रॉली से टक्कर हो ही गई। घटना के बाद चालक व अन्य लोग सहम गए। सहायक ने बताया कि अचानक आगे आए ट्रैक्टर ट्राली को देखकर हॉर्न देकर ब्रेक लगाए। ट्रेन के इमरजेंसी ब्रेक लगते ही यात्री भी घबरा गए थे।

आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि इस फाटक को बने करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन रेलवे ने इसे शुरू नहीं किया है। ग्रामीण हरि सिंह, मूलचंद, रामकुमार, राममूर्ति आदि ने बताया कि इस मार्ग पर पेड़ व मोड़ होने के कारण वाहन चालकों को ट्रेन नजर नहीं आती। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से फाटक को तुरंत बनाने की मांग की है।
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