सिरसा। ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर भ्रष्टाचार के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बिजली निगम के तत्कालीन एसडीओ पंकज गंडा को 5 साल, जेई जंटा सिंह व बलकरण सिंह को 4-4 साल व ठेकेदार राज सिंह को 3 साल कैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों को 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर 6-6 माह कारावास भुगतना होगा। 8 अगस्त को न्यायालय ने आरोपियों को दोषी करार देकर सजा का फैसला मंगलवार तक सुरक्षित रखा था। दोषियों के खिलाफ कोर्ट के निर्देश पर कालांवाली थाना पुलिस ने 28 मार्च 2016 में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें पुलिस ने शिकायतकर्ता इकबाल सिंह निवासी गांव जगमालवाली के बयान दर्ज किए।
मामले के अनुसार किसान इकबाल सिंह ने अपने खेत में ट्यूबवेल का कनेक्शन लेना था। उसने बिजली निगम के कालांवाली केंद्र में आवेदन किया। एसडीओ पंकज गंडा और ठेकेदार राज सिंह ने उससे सेल्फ स्कीम के तहत लाइन, खंभे और ट्रांसफार्मर के लिए एक लाख 20 हजार रुपये लिए। इसके बाद एसडीओ पंकज गंडा, जेई जंटा सिंह व बलकरण सिंह ने उसे विभाग द्वारा जारी किए गए पत्रों की प्रतियां दीं और कहा कि जल्द कनेक्शन जारी हो जाएगा। कुछ दिनों बाद एसडीएम गंडा, जेई बलकरण व जंटा सिंह ने उसे कहा कि खेत में लाइन लाने के लिए कुछ खंभों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए उससे 30 हजार रुपये मांगे। इकबाल ने 30 हजार रुपये दे दिए। ट्यूबवेल कनेक्शन होने के बाद इकबाल सिंह ने रसीद मांगी तो अधिकारी टालमटोल करते रहे। पड़ताल करने पर पता चला कि बिजली निगम के पास ट्यूबवेल कनेक्शन का कोई रिकॉर्ड नहीं है। फिर विभागीय अधिकारियों ने कहा कि उसके नाम पर लगा कनेक्शन अवैध है, इसलिए इसे काटा जाएगा। इसके बाद इकबाल सिंह ने डबवाली कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ इस्तगासा दायर कर दिया।