हिसार। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नगर निगम ने पांच सूत्रीय कार्य योजना तैयार की है। इसके तहत ग्रीन बेल्ट की सफाई, घरों में कचरे का पृथक्करण, जैविक कचरे से खाद तैयार करने, सिंगल यूज प्लास्टिक व पॉलिथीन का इस्तेमाल कम करने और पुराने उपयोग योग्य कपड़े जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पहले चरण में 100 घरों में शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना को लेकर नगर निगम के मुख्य सभागार में निगमायुक्त सी जयाश्रद्धा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें समाजसेवी सीमा जिंदल के साथ आरडब्ल्यूए, एनजीओ और पार्क समितियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
निगमायुक्त ने कहा कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं, आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन), एनजीओ और पार्क समितियों के सहयोग से अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट में कचरा और मलबा डालने से स्वच्छता प्रभावित होती है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। संस्थाएं पहले चरण में 50 से 100 घरों का चयन कर वहां कचरे का शत-प्रतिशत पृथक्करण सुनिश्चित करेंगी। इसके बाद अभियान का विस्तार किया जाएगा।
आईईसी गतिविधियों के माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाले कर्मचारियों को भी जागरूक और प्रशिक्षित किया जाएगा। कचरा अलग-अलग देने में परेशानी होने पर नागरिक निगम की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवा सकेंगे।
जैविक कचरे से तैयार होगी उपयोगी खाद
बैठक में घरों और पार्कों से निकलने वाले जैविक कचरे के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा हुई। निगमायुक्त ने आरडब्ल्यूए और एनजीओ से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कंपोस्ट योग्य कचरे से पार्कों और ग्रीन बेल्ट में निर्धारित स्थानों पर खाद तैयार करने की व्यवस्था विकसित की जाए। इससे कचरे का उचित निस्तारण होगा और उपयोगी जैविक खाद भी उपलब्ध हो सकेगी।
पॉलिथीन के स्थान पर कपड़े के थैलों को दें बढ़ावा
निगमायुक्त ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन का इस्तेमाल कम करने के लिए नगर निगम के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं जनजागरूकता अभियान चलाएं। संस्थाएं अपने स्तर पर कपड़े के थैले तैयार करवाकर वितरित कर सकती हैं और लोगों को खरीदारी के दौरान इनका उपयोग करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।