हिसार। बुडाना में ढांडा ब्रिक्स कंपनी के ईंट भट्ठे पर रविवार रात 11 दीवार गिरने से मृत चारों बच्चों के शवों का पुलिस ने मंगलवार को हांसी और हिसार के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। इस मामले में मृतकों के परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर अपने गांव चले गए।
बुडाना के ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने आए बदायूं के बैरमईबुजरम निवासी भगवानदास और आंबेडकर नगर जिले के जलालपुर निवासी मुरारीलाल व राजेश भट्ठे पर ही झुग्गियों में रह रहे थे। रविवार रात भगवानदास और मुरारीलाल अपने छह बच्चों को झुग्गी में न सुलाकर भट्ठे पर ले आए और एक दीवार की ओट में चारपाइयों पर सुला दिया। रात करीब 11 बजे अचानक दीवार ढह गई। मलबे में छह बच्चों सहित सात लोग दब गए।
सभी को मलबे से निकालकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। जहां भगवानदास के बेटों सूरज, विवेक और बेटी नंदिनी व मुरारीलाल की तीन माह की बेटी निशा को मृत घोषित कर दिया। मुरारीलाल की दो बेटियां गौर व हिमांशी और घायल युवक राजेश को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। सोमवार को परिजनों ने कहा, जब तक उनका पूरा परिवार यहां नहीं पहुंच जाता तब तक पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। मंगलवार सुबह उत्तर प्रदेश से परिजन अस्पताल पहुंचे और बाद में हिसार के नागरिक अस्पताल में निशा व हांसी के नागरिक अस्पताल में सूरज, विवेक और नंदिनी का पोस्टमार्टम करवाकर शव सौंप दिए गए।
पुलिस को दिए बयान में भगवान दास ने बताया कि उसका साला मुरारीलाल पहले से ही भट्ठे पर काम करता था। उसके कहने पर वह भी परिवार सहित यहां आ गया। रविवार रात भट्ठे पर ही एक दीवार के पास बच्चों को सुला दिया था। दीवार गिरने से दोनों परिवारों के चार बच्चों की मौत हो गई।
चारों बच्चों के शवों को हिसार व हांसी के नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिए हैं। फिलहाल परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है। - राजसिंह, डीएसपी, हिसार।
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।