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Hisar News: नई लकीरों से बदलेगा शहर का सियासी भूगोल

Thu, 30 Jul 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हांसी। नगर परिषद चुनाव की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर समय से पहले शुरू हो गई हैं। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने परिषद से सभी 27 वार्डों की भौगोलिक सीमाओं, क्षेत्रफल और मैपिंग का विस्तृत ब्योरा तलब किया है।
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मैपिंग रिपोर्ट, मतदाताओं की संख्या, जनसंख्या और आगामी जनगणना के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद ही यह तय होगा कि मौजूदा वार्डों की सीमाएं बरकरार रहेंगी या शहर की नई वार्डबंदी कर चुनावी नक्शा बदला जाएगा। मुख्यालय के निर्देश पर नगर परिषद प्रशासन प्रत्येक वार्ड की मैपिंग, सीमाओं और कुल क्षेत्रफल का विवरण तैयार कर रहा है।

रिपोर्ट मुख्यालय भेजे जाने के बाद मतदाता सूची, जनसंख्या के आंकड़ों का परीक्षण किया जाएगा। इसी आधार पर आगामी निकाय चुनाव की रूपरेखा तय होगी। वर्तमान नगर परिषद का कार्यकाल 11 जुलाई 2027 को समाप्त होगा जिसके बाद परिषद स्वतः भंग हो जाएगी। चुनाव संबंधी सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हों इसके लिए विभाग ने करीब एक वर्ष पहले ही प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर के सभी 27 वार्डों की मैपिंग रिपोर्ट जल्द मुख्यालय भेजी जाएगी।
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इसके बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि मौजूदा परिसीमन को यथावत रखा जाए या बढ़ती आबादी और शहरी विस्तार को देखते हुए वार्डों का नए सिरे से पुनर्गठन किया जाए। यदि वार्डबंदी होती है तो नए वार्ड अस्तित्व में आ सकते हैं और चुनावी समीकरण भी बदल सकते हैं। संवाद


वार्डबंदी पर टिकीं नजरें
नगर परिषद की वार्डबंदी को लेकर भी जल्द निर्णय होने की संभावना है। सामान्यतः प्रत्येक दस वर्ष में वार्डों का पुनर्गठन किया जाता है और पिछली वार्डबंदी को भी लगभग एक दशक हो चुका है। यदि बढ़ती आबादी और नए विकसित क्षेत्रों को आधार बनाया गया तो वार्डों की संख्या बढ़ सकती है जिससे नए वार्ड अस्तित्व में आएंगे और चुनावी समीकरण भी बदलेंगे। वार्डबंदी नहीं होने की स्थिति में मौजूदा 27 वार्डों के आधार पर ही चुनाव कराए जा सकते हैं। अगले वर्ष प्रस्तावित जनगणना के बाद इस विषय पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।

नगर परिषद का बढ़ सकता है दायरा :
जिला बनने के बाद नगर परिषद की सीमा विस्तार की चर्चा भी तेज है। शहर से सटे दयाल सिंह कॉलोनी और प्रेम नगर को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इस संबंध में अंतिम निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा।



2022 में पहली बार जनता ने चुना था अध्यक्ष :
नगर परिषद के चुनाव मई 2022 में हुए थे। उस चुनाव में पहली बार अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता ने किया था जिसमें प्रवीण ऐलावादी निर्वाचित हुए। इससे पहले अध्यक्ष का चयन निर्वाचित पार्षदों की ओर से किया जाता था। उसी चुनाव में 27 वार्डों से पार्षद चुने गए थे। चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सक्रियता निकाय चुनाव में अभी करीब एक वर्ष का समय है लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने अभी से जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय दावेदार भी सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी बढ़ाने, जनसमस्याओं को उठाने और समर्थकों के साथ चुनावी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।


वार्डबंदी तय करेगी चुनावी गणित :
राजनीतिक जानकारों के अनुसार आगामी निकाय चुनाव में वार्डबंदी सबसे अहम मुद्दा रहेगी। नए वार्ड बनने या सीमाओं में बदलाव होने पर कई नए चेहरों को अवसर मिलेगा जबकि मौजूदा पार्षदों और दावेदारों की रणनीति भी बदल सकती है। ऐसे में सभी की नजरें अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अगले फैसले पर टिकी हैं।

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फिलहाल मुख्यालय से इस संदर्भ में जानकारी मांगी गई है। रिपोर्ट तैयार करके हम जल्दी ही भेज देंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। - राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।
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