एक तरफ जहां खिलाड़ियों को पीने के पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी, वहीं दूसरी ओर डीईओ देवेंद्र सिं?
- फोटो : Hisar
महाबीर स्टेडियम में चल रही जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में रविवार को कई खामियां देखने को मिलीं। खिलाड़ियों को पीने का पानी तक नहीं मिला। खिलाड़ी बोतल लेकर इधर-उधर भटकते नजर आए, जबकि वहां मौजूद डीईओ समेत अन्य अधिकारी कोल्ड ड्रिंक पीते नजर आए। महाबीर स्टेडियम में खड़े किए गए टैंकरों में पानी तक नहीं था। यहां तक कि स्टेडियम में लगे वाटर कूलर में भी पानी खत्म हो गया, जबकि कार्यालय के पास ही शिक्षा विभाग के अधिकारी आराम से कुर्सी पर बैठकर कोल्ड ड्रिंक पीते रहे।
महाबीर स्टेडियम में शिक्षा विभाग की ओर से स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता चल रही है। रविवार को विभिन्न खेलों के मुकाबले कराए गए, लेकिन खिलाड़ियों को सुविधा देने के लिए किसी भी अधिकारी का ध्यान तक नहीं था। प्रतियोगिता में न तो खिलाड़ियों को पानी मिला और न ही वहां कोई एंबुलेंस नजर आई। ऐसे में प्रतियोगिता के दौरान किसी को चोट लगती है तो वहां प्राथमिक उपचार की कोई सुविधा नहीं थी। नियमानुसार इस तरह की प्रतियोगिता में एक एंबुलेंस खड़ी करना आवश्यक है।
प्रतियोगिता के समय खिलाड़ियों के बीच घूम रहे थे पशु : महाबीर स्टेडियम के एथलेटिक ग्राउंड में बेसबाल प्रतियोगिता चल रही थी। इस दौरान खिलाड़ियों के बीच पशु घूम रहे थे। ऐसे में पशु खिलाड़ियों पर हमला कर चोटिल भी कर सकते थे। स्टेडियम में अकसर जगह-जगह पशु घूमते नजर आते हैं। कई बार खेल विभाग के अधिकारियों को भी बताया जा चुका है, उसके बाद भी विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है। अब शायद विभाग कोई बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
एक टैंकर में पानी खत्म हो गया था। उसी समय एक्सईएन को फोन कर पानी भरवाने के लिए बोला गया। उसके बाद टैंकर में पानी भर दिया गया। मैंने खुद खिलाड़ियों से बातचीत की थी। पानी को लेकर किसी भी खिलाड़ी को कोई परेशानी नहीं हुई, जहां तक बात एंबुलेंस की है, हमारे सभी स्टाफ के पास गाड़ियां हैं। कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
- देवेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।
महाबीर स्टेडियम में चल रही खेलकूद प्रतियोगिता में पानी के लिए भटकते खिलाड़ी।- फोटो : Hisar