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Hisar News: संघर्ष की राह, जुनून की ज्योति... महक उठा जीवन

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अपने उत्पादों को प्रद​​र्शित करती ज्योति।
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हिसार।
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सरकारी प्रशिक्षण, परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल गढ़ रही हैं। क्षमता स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं बबीता और गोपाल महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य ज्योति ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपना व्यवसाय खड़ा कर यह साबित किया है कि सही दिशा और निरंतर प्रयास से सफलता का रास्ता खुद बन जाता है। उनकी कामयाबी नारी सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की साक्षात प्रमाण है।
बबीता ने वर्ष 2023 में ‘कृषि सखी’ का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद उन्हें कोल्ड प्रेस्ड ऑइल यूनिट आवंटित हुई। 2024 में उन्होंने इस यूनिट के सहारे अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत में सरसों के तेल से छोटे स्तर पर स्टाॅल लगाकर बिक्री शुरू की जिसमें करीब 10 हजार रुपये की लागत पर 2 हजार रुपये का लाभ हुआ। यही छोटा मुनाफा उनके आत्मविश्वास का आधार बना।
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इसके बाद उन्होंने तिल, मूंगफली, नारियल और अलसी का तेल निकालना शुरू किया। धीरे-धीरे उनके उत्पादों की गुणवत्ता की पहचान बनी और आज वह 50 लीटर तक की बोतलें तैयार कर स्थानीय बाजार में प्रतिमाह लगभग 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। पति अनूप का हर कदम पर पूरा समर्थन मिला।

इसी तरह ज्योति ने भी सरकारी प्रशिक्षण को अपनी ताकत बनाया। करीब चार साल पहले गोपाल महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं ज्योति ने आरसीटी गंगवा में 10 दिन का धूप और अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण लिया और वर्ष 2023 में अपना काम शुरू किया। शुरुआत में खूब संघर्ष करना पड़ा। न लोग पहचानते थे और न उनका उत्पाद आसानी से बिकता था। कई बार बिना बिक्री के सामान वापस लाना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दुकानों पर जाकर उत्पाद दिखाना शुरू किया और विभिन्न कार्यक्रमों व मेलों में स्टाल लगाने लगीं।
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35 महिलाओं को धूप-अगरबत्ती बनाने का दिया प्रशिक्षण

पहली स्टाल पंचकूला में लगाई, जिसमें 20 हजार रुपये निवेश कर लगभग 7 हजार का लाभ अर्जित किया। आज ज्योति प्रतिमाह करीब 22 हजार रुपये की कमाई कर रही हैं और आस-पास के गांवों से उन्हें ऑर्डर भी मिलने लगे हैं। आत्मनिर्भर बनने के बाद उन्होंने अन्य महिलाओं को भी सशक्त करने की पहल की और हांसी क्षेत्र में 35 महिलाओं को धूप-अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया।
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