हांसी। अत्यधिक ठंड के कारण सांस व हृदय रोग के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। नागरिक अस्पताल में सांस की तकलीफ से संबंधित बीमारियों का इलाज कराने रोजाना 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं। यही स्थिति उपमंडल के सीएचसी व निजी अस्पतालों में है।
सीएचसी व पीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद ऐसे मरीजों को बेहतर इलाज के लिए नागरिक अस्पताल या फिर हिसार के जिला नागरिक में रेफर किया जा रहा है। जिला उप सिविल सर्जन डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में हृदय रोग एवं सांस से संबंधित रोग की समस्या बढ़ी है।
18 से 50 वर्ष तक की आयु के लोगों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार एवं एलर्जी की बीमारी पांव पसार रही हैं। वहीं घरों में हीटर और ब्लोअर का उपयोग किए जाने से ऑक्सीजन की कमी से बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी आ रही है।
डॉ. वर्मा ने बताया सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द और जलन के मरीज लगातार अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। ठंड के मौसम में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। अधिक सर्दी पड़ने पर खून गाढ़ा होना, रक्त वाहिकाओं का सिकुड़ना इसकी बड़ी वजह है। जिसके चलते रक्तचाप बढ़ने का अंदेशा होता है। इससे शरीर को रक्त का संचार करने के लिए अधिक दबाव लगाना पड़ता है। जिसका सीधा असर हृदय पर पड़ता है। इसी कारण हार्ट अटैक होने की आशंका बनी रहती है।