हांसी। शहर के मुख्य मार्गों और वार्डों के पांच वर्षीय रख-रखाव के लिए जो टेंडर का एस्टीमेट पहले 14 करोड़ रुपये का था, उसका बजट अब बढ़ाकर सीधे 30 करोड़ रुपये हो गया है। कर्मचारियों का वेतन बढ़ने व संसाधन के बढ़ने के कारण बजट बढ़ गया है। नगर परिषद के अधिकारियों ने इसे उच्च प्रशासनिक अनुमति के लिए स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय भेजने की तैयारी कर ली है।
टेंडर के बजट में आई इस दोगुनी से अधिक की बढ़ोतरी का मुख्य कारण कर्मचारियों के वेतन में होने वाली वृद्धि व सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले आधुनिक संसाधनों का दायरा बढ़ाना है। इसके अलावा, शहर की बढ़ती आबादी और नए क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए सफाई कर्मचारियों की संख्या में भी भारी इजाफा किया गया है। नए टेंडर के नियमों के अनुसार, अब शहर की सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए करीब 149 सफाई कर्मचारी नियुक्त किए जाने हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों 14 करोड़ के पुराने टेंडर पर मुख्यालय ने कुछ तकनीकी आपत्तियां लगाकर फाइल वापस भेज दी थी। सरकार ने कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया था। जिसके चलते फाइल को वापस भेजा गया था। अब नए सिरे से बजट बनाया गया है।
ऐसे बढ़ा बजट
पहले कर्मचारियों का वेतन 11258 रुपये की दर से था जो कि अब सरकार ने कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 15221 रुपये कर दिया है। योजना के अनुसार पहले जहां खाली क्षेत्र था उस रोड पर सप्ताह में एक दिन सफाई की जानी थी। अब मुख्यालय का कहना है कि ऐसे रोड पर भी प्रतिदिन सफाई होगी। इसमें रोड स्वीपिंग की मशीन भी लगानी होगी। वहीं कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है जिससे बजट बढ़ गया है।
अभी लगाया छह महीने का टेंडर
नए टेंडर की पूरी प्रक्रिया में फिर से लंबा समय लगने की संभावना है। मुख्यालय से अनुमति मिलने में हो रही इस देरी को देखते हुए नगर परिषद ने अब वैकल्पिक रास्ता निकाला है। वहीं मुख्य मार्ग व 10 वार्डों की सफाई का टेंडर सप्ताह पहले खत्म हो चुका है। इस वजह से शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग रहे हैं। नए टेंडर में लगने वाले समय को देखते हुए नगर परिषद ने अभी छह महीने का टेंडर लगाया है। इसके लिए करीब 1.90 करोड़ रुपये का बजट बनाया है। 30 करोड़ रुपये के टेंडर के जरिए काम शुरू होने तक छह महीने के इस टेंडर के जरिए काम चलेगा।
149 अतिरिक्त कर्मचारी चाहिए सफाई के लिए
शहर में आबादी के हिसाब से कर्मचारियों की नियुक्ति होती थी। अब क्षेत्रफल के हिसाब से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। इस नए नियम के हिसाब से 273 कर्मचारी चाहिए होंगे। इसके अलावा इनकी मॉनिटरिंग के लिए 14 सुपरवाइजर भी नियुक्त होंगे। नगर परिषद के पास पहले से 148 कच्चे व पक्के सफाई कर्मचारी हैं। वहीं 24 कर्मचारियों को अलग-अलग कार्य में ड्यूटी ली जाती है। इसमें से 6 कर्मचारियों की नियुक्ति ट्रैक्टर-टॉली व चार कर्मचारियों की नियुक्ति नालों की सफाई के लिए होगी। ऐसे में नगर परिषद को शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए 149 अतिरिक्त कर्मचारी चाहिए हैं। इन कर्मचारियों का काम एजेंसी से करवाया जाएगा। इसी के आधार पर नया टेंडर लगाया जाएगा।
शहर में सफाई के लिए पांच वर्ष का जो टेंडर लगाना था, उसको नए सिरे से बढ़ाया है। कर्मचारियों का वेतन सरकार ने बढ़ाया है व संसाधन बढ़ाए गए हैं। इस वजह से एस्टीमेट बढ़ गया है। इसको लेकर अनुमति ली जाएगी। फिर टेंडर लगाया जाएगा। - राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।