जिला नागरिक अस्पताल के स्वरूप को निखारने और स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में चल रहा पुनरुद्धार कार्य जोरों पर है। दावा किया जा रहा है कि जुलाई तक अस्पताल का यह नया स्वरूप सामने आ जाएगा। नई व्यवस्था के तहत आईसीयू के विस्तार से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
हालांकि लोक निर्माण विभाग (बीएंडआर) की राह में टेंडर प्रक्रिया ने थोड़ी बाधा जरूर डाली लेकिन अब 1.16 करोड़ रुपये के नए टेंडर के साथ विकास की गति को पुनः नई ऊर्जा दी जाएगी।
प्रदेश सरकार ने जिला नागरिक अस्पताल के भवन के जीर्णोधार के लि के लिए 7.50 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दी थी। बीते वर्ष शुरू हुआ काम 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। तय समय सीमा को करीब नौ माह बीत चुके है। हालाकि विभाग अब काम जल्द से जल्द पूरा कराने की तैयारी में है।
दूसरे चरण में ये होंगे कार्य
पुनरुद्धार के इस दूसरे चरण का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव ''''जीवन रक्षक'''' सेवाओं का विस्तार है। वर्तमान में महज 3 बेड के सहारे चल रहे आईसीयू को अब 6 बेड की क्षमता दी जाएगी जो गंभीर रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। साथ ही मलेरिया विभाग, सोसाइटी ऑफिस और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों का भी कायाकल्प किया जाएगा।
पहले चरण में हुए ये कार्य
पहले चरण में दो टेंडर लगाए गए थे। इनमें एक टेंडर 4 करोड़ रुपये का था। इसमें गेट नंबर एक से दो तक सड़क निर्माण, पार्किंग, सीएमओ कार्यालय, मुख्य भवन, आई ब्लॉक, ओपीडी, मलेरिया ब्लॉक का जीर्णोधार का काम शामिल है। इसके अलावा एक अन्य टेंडर 1.30 करोड़ का लगाया जाएगा जिसके तहत सभी क्वार्टर व मुख्य भवन के सामने की सड़क का निर्माण करना था। इसमें अभी मुख्य भवन के सामने सीसी सड़क का निर्माण अभी बाकी है।
69 वर्ष पुराना है जिला नागरिक अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल का शिलान्यास 1957 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री चौ. सूरजमल ने किया था। उस समय 100 बेड का यह अस्पताल करीब 5 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ था। वर्ष 1974 के बाद दो ब्लॉक और बनाए गए और बेड की संख्या बढ़कर 200 की गई। वर्तमान में जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1700 मरीज अपना इलाज करवाने आते हैं।
अस्पताल के जीर्णोधार का कार्य अभी चल रहा है। बीएंडआर को जल्द से जल्द कार्य को पूरा करने के लिए कहा गया है ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को कोई परेशानी न हो और चिकित्सा व्यवस्था सुचारु चल सकें।
- डॉ. सपना गहलावत, सीएमओ