हांसी। उपायुक्त राहुल नरवाल ने बताया कि राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के लिए ऑटो म्यूटेशन प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत पंजीकरण के बाद इंतकाल की प्रक्रिया अधिकतम 11वें दिन तक पूरी होगी। इससे नागरिकों को राजस्व कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और लंबित मामलों पर अंकुश लगेगा।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण के बाद म्यूटेशन सबसे पहले पटवारी के लॉगिन में जाएगी। पटवारी को कार्रवाई के लिए चार दिन मिलेंगे। कार्रवाई नहीं होने पर पांचवें दिन मामला स्वतः कानूनगो के लॉगिन में जाएगा जिसे दो दिन में कार्रवाई करनी होगी। सातवें दिन म्यूटेशन सीआरओ के लॉगिन में पहुंचेगी और उन्हें चार दिन का समय मिलेगा। निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर 11वें दिन म्यूटेशन स्वतः जमाबंदी में शामिल हो जाएगी।
नरवाल ने बताया कि नागरिकों के लिए ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। समय पर म्यूटेशन नहीं होने पर नागरिक शिकायत और दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। शिकायत पर 10 दिनों में कार्रवाई होगी। म्यूटेशन योग्य होने पर उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। अन्यथा सीआरओ कारण सहित आदेश जारी करेंगे।
मानवीय हस्तक्षेप और अनावश्यक देरी कम होगी :
उन्होंने कहा कि जमाबंदी, म्यूटेशन, डिजिटल हस्ताक्षरित रजिस्ट्री और अन्य राजस्व रिकॉर्ड घर बैठे या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। हिस्सेदारी की जानकारी ऑनलाइन करने, छोटी त्रुटियों को सरल बनाने और तकसीम प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने पर भी जोर है। तकनीक से मानवीय हस्तक्षेप और अनावश्यक देरी कम होगी। प्रारंभिक चरण में तकनीकी समस्या या सकारात्मक सुझाव विभाग के संज्ञान में लाकर समाधान कराया जा सकेगा।