हिसार। नगर निगम प्रशासन ने वार्ड-17 के पार्षद राजेश अरोड़ा को मॉनिटरिंग हस्ताक्षर न करने पर नोटिस भेजा है। नोटिस का जवाब देते हुए पार्षद ने कहा है कि वह निर्माण कार्य में गड़बड़ी की पहले ही शिकायत कर चुके हैं, जिस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इस मामले में निगमायुक्त व मेयर अपने विवेक से फैसला लेकर ठेकेदार का भुगतान कर सकते हैं।
नगर निगम प्रशासन की तरफ से सभी पार्षदों को अपने वार्ड में होने वाले विकास कार्यों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अनुसार निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जब तक पार्षद मॉनिटरिंग हस्ताक्षर नहीं करते, तब तक ठेकेदार को उस कार्य का भुगतान किया नहीं जा सकता। इसी के तहत निगम प्रशासन की तरफ से वार्ड 17 में कुछ सड़कों का निर्माण किया गया था। ठेकेदार की तरफ से निगम अधिकारियों को यह एक शिकायत दी गई थी कि वार्ड का पार्षद उसे बेवजह परेशान कर रहा है और मॉनिटरिंग हस्ताक्षर नहीं कर रहा है। इस कारण से उसके बिल अटके हुए हैं। इस पर संज्ञान लेते निगम प्रशासन ने पार्षद को एक नोटिस भेजकर इसका जवाब देने को कहा।
यह कहना है पार्षद का
मेरे वार्ड में जवाहर नगर की गली नंबर 6 व 7 में मास्टिक का कार्य किया जाना था। इसके लिए निगम की तरफ से टेंडर भी लगाया गया था। मगर ठेकेदार ने इन गलियों के साथ-साथ गली नंबर 5 का निर्माण कर दिया, जबकि इसका टेंडर भी नहीं किया गया था। इस गली में मेरे चुने जाने से पहले लाइन बिछाई गई थी। इस गली में सिर्फ पैचवर्क ही किया जाना था लेकिन ठेकेदार ने इस पूरी गली को सीसी का बना दिया। इस गली का लेवल भी काफी ऊंचा कर दिया गया जिससे अन्य गलियों का लेवल भी बिगड़ गया। मैंने इस मामले की शिकायत भी की थी। मगर आज तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
ये नोटिस नहीं है, इसमें सिर्फ पार्षद को अपने कमेंट लिखकर देने को कहा गया है। निगम की तरफ से वार्ड में सभी कार्य नियमों के मुताबिक करवाए गए हैं। वार्ड के सभी लोग इससे संतुष्ट भी हैं। पार्षद के जवाब के बारे में मेयर को भी अवगत करवाया जाएगा। अगर मेयर इसमें कुछ जांच करवाना चाहते हैं तो वह करवा सकते हैं।-नीरज, निगमायुक्त