एसआई रमेश हत्याकांड में मुख्य साजिशकर्ता 60 दिन बाद भी गिरफ्त से बाहर
माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। ढाणी श्यामलाल क्षेत्र में एसआई रमेश कुमार मर्डर केस में जो जांच चल रही है। परिजन उससे खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि इस हत्याकांड को 60 दिन हो गए है। मगर इसके बाद भी मुख्य साजिशकर्ता जसवंत उर्फ कालिया अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। ऐसे में उनकी मांग है कि जल्द से जल्द पुलिस को जसवंत उर्फ कालिया और उसके बेटे विक्रम को गिरफ्तार किया जाए।
दरअसल, रमेश कुमार के भाई रोहताश कुमार का कहना है कि पुलिस भले ही इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हो। लेकिन, जिसने उनके भाई की हत्या की साजिश रची और जिसके कहने पर सभी आरोपी उनके घर आए और हमला किया वो अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इसके साथ ही पुलिस जसवंत के बेटा विक्रम को भी पकड़ नहीं सकी है। इस मामले में उन्होंने एसपी से भी मुलाकात की है और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस की प्राथमिकी में है जसवंत का जिक्र
एसआई रमेश कुमार के भतीजे अमित कुमार ने पुलिस की प्राथमिकी में इस बात का जिक्र किया है कि 6 नवंबर की रात को विक्रम उर्फ गोलू ने कहा था कि आज मेरे बाप जसवंत उर्फ कालिया ने कहा है कि इनको जिंदा नहीं छोड़ना... मारकर ही आना है। इसके बाद हमला किया गया। वहीं जब उनके चाचा रमेश कुमार घर से निकलकर आए तो देखते ही कहा कि यह इनका बड़ा थानेदार है। पहले इसी को देखते हैं और सभी ने उनके चाचा रमेश कुमार को जान से मारने की नीयत से घर में घुसकर ईंटें मारी। इससे उनके चाचा रमेश कुमार के सिर में चोटें लगीं और उनके चाचा चोटें लगने से फर्श पर गिर गए। इसके बाद आरोपी मौके से यह कहकर भाग गए कि एक को तो मार दिया बाकियों को भी मौका मिलते ही मारेंगे।
कौन कौन अभी तक गिरफ्तारी से बचा हुआ
- जसवंत उर्फ कालिया पुत्र राम सिंह
- विक्रम उर्फ गोलू पुत्र जसवंत उर्फ कालिया
- अजय उर्फ नोनू पुत्र घमंडी
क्या है मामला
6 नवंबर 2025 की रात करीब साढ़े 10 बजे एसआई रमेश कुमार की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मौके पर मौजूद और चश्मदीद अमित कुमार के बयान पर अगले दिन थाना एचटीएम में 10 नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में 9 की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकियों की तलाश जारी है।
- शशांक कुमार सावन, एसपी।