हिसार। गांव बनभौरी में यूपी के प्रवासी मजदूरों से मारपीट और फिरौती मांगने के मामले की जांच अब सीआईए को सौंप दी है। इसके बाद नागरिक अस्पताल में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए चल रहा भीम आर्मी ने अपना धरना समाप्त कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया कि आरोपियों पर कानून के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को भीम आर्मी नेता संतलाल आंबेडकर, अमित जाटव, प्रदीप यादव, जयवीर गोदारा के नेतृत्व में पीड़ित मजदूरों ने एसपी दीपक सहारन से मुलाकात की। पीड़ित मजदूरों ने कहा कि अमानवीय अत्याचार करने वाले 15 आरोपी अब खुलेआम घूम रहे हैं। घटना के छह दिन बाद भी जांच अधिकारी की ढिलाई के चलते केवल चार आरोपी ही पकड़े गए हैं। पीड़ितों ने कहा गांव बनभौरी के ही कुछ लोग आरोपी पक्ष से मिले हैं। ये लोग लगातार डराकर और लालच देकर राजीनामे का दवाब बना रहे हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस और आरोपियों की मिलीभगत से बरवाला थाने की महिला पुलिसकर्मी ने छेड़छाड़ और स्नेचिंग का केस दर्ज करवाया था, जो जांच में झूठा पाया गया। बिना सुरक्षा मंगलवार रात पीड़ित दलीप के साथ धरना स्थल पर चाकू के बल पर दो लोगों ने लूटपाट की। एसपी ने सभी आरोपियों को पकड़ने और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।