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Hisar News: सैन्य सम्मान के साथ नायक को दी गई अंतिम विदाई

Tue, 13 Jan 2026 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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नारनौद क्षेत्र के गांव कापड़ो ​में नायक दीपक गोयत की अंतिम यात्रा में शामिल लोग। 
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नारनौंद (हिसार)। सेना की 21 ग्रेनेडियर बटालियन में तैनात नायक दीपक गोयत (31) का बीमारी के कारण सोमवार को निधन हो गया। उनके निधन से गांव कापड़ो सहित पूरे क्षेत्र में शोक छा गया। शहीद का पार्थिव देह गांव पहुंचते ही भारत माता की जय और दीपक गोयत अमर रहे के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
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पैतृक गांव कापड़ो में पूरे सैन्य सम्मान के साथ मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। नायक दीपक की ड्यूटी जम्मू-कश्मीर के गूगलपुर, कुपवाड़ा क्षेत्र में थी। हालांकि पिछले करीब एक वर्ष से वह बीमारी से जूझ रहे थे। इसी कारण उन्हें दिल्ली स्थित सेवा के रिसर्च एंड रेफरल (आरआर) अस्पताल में तैनात किया गया था, ताकि वहां रहकर उनका बेहतर इलाज हो सके। इसके बावजूद वह जिंदगी की जंग हार गए।
दीपक कुश्ती खेलते थे। इस कारण वर्ष 2013 में वह खेल कोटा से भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। खेलों में उनकी गहरी रुचि थी और अनुशासन व समर्पण उनकी पहचान थी। उनके पिता बलवान सिंह बीएसएफ से सेवानिवृत्त हैं। दीपक अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके परिवार में पिता बलवान सिंह, मां सरोज, पत्नी रेखा और तीन वर्षीय जुड़वां बेटियां प्रियांशी व प्रीति हैं।
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सेना के वाहन से पहुंचा पार्थिव देह
सेना के वाहन से मंगलवार दोपहर नायक दीपक का पार्थिव देह गांव कापड़ो पहुंचा तो गांव के प्रवेश द्वार से लेकर उनके घर तक सैकड़ों वाहनों का काफिला साथ चला। वंदे्मातरम और भारत माता की जय के नारों से माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया। घर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। पिता, मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के सदस्योंं पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़़
अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। रास्ते में लोगों ने फूल बरसाए और दीपक गोयत अमर रहे के नारे लगाए। चचेरे भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। हर आंख नम थी, लेकिन दिलों में गर्व था कि गांव का बेटा देश सेवा करते हुए अमर रहे।
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