हिसार। रोडवेज बसों में अब यात्रियों को डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलने जा रही है। जल्द ही यात्री ई-टिकटिंग मशीनों पर यूपीआई के माध्यम से टिकट का भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए रोडवेज विभाग ने सॉफ्टवेयर अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभी तक बसों में केवल कैश से टिकट भुगतान होता है, जिससे यात्रियों और परिचालकों दोनों को खुले पैसों की दिक्कत झेलनी पड़ती है। कई बार बकाया राशि टिकट के पीछे लिख दी जाती है और यात्री जल्दबाजी में पैसे लेना भूल जाते हैं।
रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने बताया कि जल्द ही सुविधा शुरू हो जाएगी। हिसार डिपो में मौजूद 200 ई-टिकटिंग मशीनों में सॉफ्टवेयर अपडेट का काम जारी है। उम्मीद है कि अगले महीने तक यह सुविधा लागू हो जाएगी। सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद परिचालक मशीन में किराया फीड करेगा, जिसके बाद मशीन पर क्यूआर कोड जनरेट होगा। यात्री इसे पेटीएम, गूगल पे या फोन पे जैसे किसी भी यूपीआई एप से स्कैन कर टिकट का भुगतान कर सकेंगे।
जल्द मिलेगी पांच नई ई-सिटी बसों की सौगात
हिसार रोडवेज डिपो को जल्द ही पांच नई ई-सिटी बसें मिलने वाली हैं। मुख्यालय से बसों की अनुमति मिल चुकी है। वर्तमान में डिपो की पांच ई-सिटी बसें शहर में संचालित हैं, जिनमें से तीन बसें गंगवा रूट और दो आधार अस्पताल रूट पर चल रही हैं। नई बसें मिलने के बाद इन्हें नियाणा, कैंट, अग्रोहा सहित अन्य रूटों पर चलाया जाएगा। रोडवेज की ओर से इन रूटों पर ट्रायल रन पूरा किया जा चुका है, जिसमें सबसे अधिक सवारियां नियाणा रूट पर दर्ज की गई हैं।