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Hisar News: बाजरे की खुशबू से आत्मनिर्भरता की उड़ान

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हिसार। आत्मनिर्भरता को मकसद बनाकर आगे बढ़ीं गांव पायल की सुमन का हुनर आज सूरजकुंड मेले में चमक रहा है। उनके हाथ से बने बाजरे के बिस्कुट, लड्डू और चॉकलेट मेले में लोगों को खूब भा रहे हैं।
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मकसद ग्रुप की महिलाओं की ओर से तैयार किए गए बाजरे से बने खाद्य उत्पादों ने न केवल अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है, बल्कि सरकारी सहायता के सहारे गांव की महिलाओं के स्वावलंबन का सपना भी साकार किया है। सूरजकुंड मेले में उत्पादों की बढ़ती मांग से मकसद ग्रुप की महिलाएं विकास की नई उड़ान भरने को उत्साहित हैं।
सुमन ने खुद को और अपनी सहेलियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मकसद ग्रुप की शुरुआत की। हरियाणा आजीविका ग्रामीण मिशन की सहायता से वर्ष 2019 में दस महिलाओं के साथ स्वयं सहायता समूह बनाकर मकसद ग्रुप का गठन किया गया। सुमन के नेतृत्व में महिलाओं ने घर की चारदीवारी और घूंघट की सीमाओं से बाहर निकलकर महज डेढ़ लाख रुपये का सरकारी ऋण लेकर अपना व्यवसाय खड़ा किया। पारंपरिक सोच और पौष्टिक आहार की अवधारणा के साथ बाजरे के मिश्रण से करीब दस तरह के उत्पाद तैयार किए गए।
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उनका मकसद सिरे चढ़ा तो सपनों की उड़ान गगन चूमने लगी
आंखों में तरक्की के सपने संजोए सुमन ने बाजरे से बने उत्पादों के सहारे पहले ही साल करीब तीन लाख रुपये का कारोबार किया। हौसला बढ़ा तो सरकार ने तीन लाख रुपये की अतिरिक्त ऋण सहायता दी। इसके बाद आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों को देखते हुए सरकार की ओर से छह लाख रुपये तक की आर्थिक मदद और मिली। सुमन के नेतृत्व में ग्रुप की सहयोगी महिलाएं उर्मिला और मधु भी इस मुहिम में आगे आईं। 31 जनवरी से फरीदाबाद के सूरजकुंड में शुरू हुए अंतरराष्ट्रीय मेले में उन्होंने बाजरे के बिस्कुट, चॉकलेट, लड्डू और खिचड़ी को स्टाॅल पर सजाया तो खरीदारों की कतार लग गई। हाथ से बने खास हरियाणवी बाजरा व्यंजनों का स्वाद लोगों को खूब भा रहा है और इनके उत्पादों की मांग मेले में सबसे अधिक बनी हुई है। सुमन का कहना है कि लगातार छह साल की मेहनत आज रंग लाई है, जिसे देखकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।
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