हिसार। शहर में जाम के समाधान के लिए तैयार की गई मल्टी स्टोरी पार्किंग परियोजना की राह फिर से अटक गई है। इस संबंध में सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में वित्त विभाग ने प्रोजेक्ट के संबंध में कई आपत्तियां लगाईं और निगम अधिकारियों को 21 जुलाई तक दूर करने के निर्देश दिए। कमियां दूर करने और कमेटी ऑफ सेक्रेटरी ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर (सीओएसआई ) की मंजूरी मिलने के बाद ही यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ेगा। नगर निगम के एक्सईएन जयवीर डूडी, एमई सुनील लांबा व कंसलटेंट प्रोजेक्ट की डीपीआर (विस्तृत कार्य योजना) लेकर चंडीगढ़ पहुंचे। यहां वित्त विभाग की मुख्य वित्तीय सलाहकार के साथ प्रोजेक्ट के संबंध में बैठक हुई, जिसमें शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक्सईएन भी मौजूद रहे। निगम अधिकारियों ने मुख्य वित्तीय सलाहकार के सामने प्रोजेक्ट की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट पर सरकार को कितना फंड मिलेगा, एजेंसी को कितना फंड मिलेगा और पब्लिक को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी व इन सुविधाओं के लिए उन्हें कितना भुगतान करना पड़ेगा, जैसे सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 में की थी प्रोजेक्ट की घोषणा
मुख्यमंत्री बनने के बाद मनोहरलाल 29 दिसंबर 2014 में पहली बार हिसार आए थे। उस दौरान उन्होंने शहर के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग बनवाने की घोषणा की थी। इसके बाद निगम ने जमीन तलाशनी शुरू की। वर्ष 2018 में निगम को सिटी थाने के सामने जीएलएफ की 2 एकड़ एक कनाल 12 मरला जमीन मिली। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार को बजट उपलब्ध करवाना था। मगर वर्ष 2019 में निगम ने इसे पीपीपी मोड पर बनवाने का फैसला किया। वर्ष 2020 में निगम प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को सरकारी बजट से ही सिरे चढ़ाने का फैसला किया। इसी वर्ष सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बजट की असमर्थता जता दी। इसके बाद निगम ने इसे फिर से पीपीपी मोड से ही बनाने का निर्णय लिया। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 152.70 करोड़ रुपये आंकी गई है।
यह होगा फायदा
फिलहाल राजगुरु मार्केट व इसके आसपास की मार्केट में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। वर्तमान में यहां सड़कों पर वाहन खड़े करवाए जा रहे हैं, जिससे मार्केट में जाम लगा रहता है। त्योहार के समय हालात और भी बिगड़ जाते हैं। निगम अधिकारियों की मानें तो मल्टी स्टोरी पार्किंग में करीब 850 वाहन खड़े किए जा सकेंगे।
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वित्त विभाग ने कुछ आपत्तियां लगाई हैं। इन्हें 21 जुलाई तक दूर करने देना है। इसके बाद प्रोजेक्ट की फाइल आगे बढ़ाई जाएगी।
जयवीर डूडी, एक्सईएन, नगर निगम