नारनौंद। विधायक जस्सी पेटवाड़ ने कहा कि हरियाणा के हितों की लड़ाई केवल भाषण देने या फोटो खिंचवाने से नहीं लड़ी जा सकती। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वह समय रहते जनहित के मुद्दे उठाकर सरकार पर प्रभावी दबाव बनाएं। राजनीतिक दलों को दोहरे मापदंड छोड़कर एक समान रुख अपनाना चाहिए ताकि हरियाणा के किसानों और आम जनता के अधिकारों की मजबूती से रक्षा की जा सके।
यहा जारी बयान में विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनता के मूल मुद्दों से दूर हो चुकी है। किसानों, कर्मचारियों और आम लोगों को अपनी मांगों के लिए लगातार धरने-प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लोग अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं जिससे आए दिन जाम जैसी स्थिति बन रही है, लेकिन सरकार समाधान के बजाय अनदेखी कर रही है।
जिस विषय का विरोध किया अब उसी पर बोल रहे अभय :
विधायक ने चानौत धरने पर रविवार को एसवाईएल और यमुना जल समझौते को लेकर इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पेटवाड़ कहा कि यमुना का पानी राजस्थान को देने संबंधी एमओयू से पहले ही उन्होंने चानौत धरने के मंच से यह मुद्दा उठाया था लेकिन उस समय इनेलो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया था। अब स्वयं अभय उसी विषय पर सरकार से सवाल कर रहे हैं। जब उन्होंने धरने के दौरान एसवाईएल का मुद्दा उठाया था तब उन पर भाजपा के इशारे पर धरना प्रभावित करने का आरोप लगाया गया था। अब इनेलो नेतृत्व का वही मुद्दा उठाना उनकी राजनीतिक सोच में विरोधाभास को दर्शाता है।