फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: जोश हाई है....जीवन में शिक्षा के रंग भरने का उल्लास, परीक्षा में कोई कोई बहू संग तो कोई पोता-पोती के साथ पहुंचा

विज्ञापन
उल्लास परीक्षा देतीं 94 वर्षीय खुजानी देवी। 
विज्ञापन
हिसार। पढ़ाई का अवसर मिले तो उम्र का बंधन कोई मायने नहीं रखता। जीवन के किसी भी पड़ाव में पढ़ाई-लिखाई की जा सकती है। रविवार को जिला मुख्यालय सहित 518 केंद्रों पर उल्लास परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें शामिल होने आए परीक्षार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कोई पोता-पोती के कंधे का सहारा लेकर तो कोई बहू-बेटे के साथ परीक्षा देने पहुंचा। कुछ लोग जो दिव्यांग थे और परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंच सके, उनके घर जाकर परीक्षा ली गई। सभी केंद्रों पर 16283 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला। 55 फीसदी उम्रदराज महिलाएं परीक्षा देने पहुंची। इसके कम उम्र के परीक्षार्थियों की संख्या कम थी।
विज्ञापन

गांव उगालन निवासी 94 वर्षीय खुजानी देवी अपनी बहू 60 वर्षीय जगवंती के साथ परीक्षा देने पहुंची। सास-बहू ने परीक्षा दी और आगे भी इसी तरह की परीक्षा देने की चाह में शिक्षकों से अगली तारीख भी पूछी। जुगलान निवासी 80 वर्षीय जगदेव भी परीक्षा देने के बाद प्रमाणपत्र देने की इच्छा जताई। आलम यह था कि उम्रदराज परीक्षार्थी तय समय से एक घंटे पहले सुबह 9 बजे परीक्षा केंद्रों के बाहर पहुंच गए। दस बजे परीक्षा शुरू हुई जो शाम पांच बजे तक चली। इस दौरान अलग-अलग समय पर परीक्षार्थी आते रहे।
युवा परीक्षार्थियों के लिए करनी पड़ी मशक्कत
उम्रदराज परीक्षार्थियों की तुलना में युवाओं के लिए शिक्षकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शिक्षकों ने फोन कर बुलाया। कई परीक्षार्थियों को बुलाने के लिए उनके घर तक भागदौड़ की। उन्होंने परीक्षार्थियों को परीक्षा शेड्यूल बताया और शामिल होने का आग्रह किया। सुबह अधिक लोग परीक्षा देने पहुंचे, लेकिन दोपहर डेढ़ बजे के बाद परीक्षा केंद्र सूने रहे।
विज्ञापन

पहले गाया भजन फिर दी परीक्षा
गांव डाबड़ा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्र में परीक्षा के अलग ही रंग देखने को मिले। सुबह जैसे ही परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे तो पहले भजन गाकर माहौल को संगीतमय बनाया। इसके बाद सभी ने उल्लास परीक्षा दी।
क्या है उल्लास परीक्षा का उद्देश्य



खंडानुसार परीक्षार्थियों की संख्या
- खंड परीक्षार्थियों की संख्या
- आदमपुर 966
- अग्रोहा 1419
- बरवाला 1546
- हांसी प्रथम 1411
- बास 2708
- हिसार प्रथम 956
- नारनौंद 3162
- उकलाना 1847
- कुल 16283
-
बीती परीक्षा की तुलना में इस बार परीक्षार्थियों में ज्यादा उत्साह देखने को मिला है। खास बात है कि इस बार 45 व इससे अधिक उम्र के लोग परीक्षा देने पहुंचे। इनमें भी 55 फीसदी महिलाएं थी, जोकि सिर्फ गिनती तक जानती थी। - जोगेंद्र, जिला को-ओर्डिनेटर, उल्लास योजना, शिक्षा विभाग, हिसार

इस बार उल्लास परीक्षा देने के लिए काफी संख्या में बुजुर्ग पहुंचे, जोकि अच्छी बात है। बेसिक शिक्षा से जोड़ने के लिए काफी हद तक हम लक्ष्य को पूरा कर लेंगे। 48 घंटे बाद रिपोर्ट कार्ड तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। उम्रदराज महिलाओं में परीक्षा के लिए अच्छा उत्साह देखने को मिला है। - वेद सिंह दहिया, कार्यकारी जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें