फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: कोख में बेटी की रक्षा के लिए आठवां फेरा बनेगा कवच

विज्ञापन
विज्ञापन
अमित भारद्वाज
विज्ञापन

हिसार। कन्या भ्रूण हत्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ‘आठवां फेरा’ नाम से सुरक्षा कवच तैयार किया है। हिंदू विवाह परंपरा में अब तक सात फेरे लिए जाते हैं और प्रत्येक फेरे में एक वचन लिया जाता है। वर-वधू को कोख में बेटी की हत्या न करने का संकल्प दिलाने के लिए आठवें फेरे की पहल की गई है। स्वास्थ्य निदेशालय से आदेश मिलने के बाद सोमवार को उपायुक्त महेंद्रपाल वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराने वाले पंडितों और अन्य धर्मगुरुओं के साथ बैठक करेंगे।

हरियाणा में बेटियों का लिंगानुपात काफी कम है। इसकी बड़ी वजह कन्या भ्रूण हत्या रही है। हालांकि पानीपत में 22 जनवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत किए जाने के बाद से हालात में काफी सुधार हुआ है लेकिन अब भी बहुत गुंजाइश बाकी है। जिलों में अवैध भ्रूण लिंग जांच का नेटवर्क अब भी फैला है। हिसार के आजाद नगर में पिछले माह बालाजी क्लिनिक पर स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारकर अवैध भ्रूण लिंग जांच का भंडाफोड़ किया था। उत्तर प्रदेश और दिल्ली से सटे जिलों के लोग प्रदेश से बाहर जाकर भ्रूण लिंग जांच करवा रहे हैं। इन गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए वर-वधू को शादी के समय ही जागरूक करने और बेटी बचाने की शपथ दिलाने की योजना बनाई गई है।
विज्ञापन

पूर्व मुख्यमंत्री ने भी की थी घोषणा
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने कार्यकाल में इस योजना को लागू करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि कन्या भ्रूण हत्या न करने का आठवां फेरा लेने वाले वर-वधू को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। हालांकि उस समय यह योजना लागू नहीं हो सकी थी।

पहलवान विनेश फोगाट ने लिया था आठवां फेरा

अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट ने अपनी शादी में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘बेटी खिलाओ’ का संदेश देते हुए आठवां फेरा लिया था जिसकी काफी चर्चा हुई थी। हिसार की एक खाप ने भी कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए शादी के दौरान आठवां फेरा लेने का फैसला किया था।
वर्ष के पहले चार माह में लिंगानुपात घटकर 895 पहुंचा
प्रदेश में बेटियों के जन्म का अनुपात इस साल के पहले चार माह में घटकर 895 पर पहुंच गया है। यानी प्रति 1000 लड़कों पर केवल 895 लड़कियों का जन्म दर्ज किया गया। वर्ष 2025 में राज्य का लिंगानुपात सुधरकर 923 तक पहुंच गया था जिसे पिछले पांच वर्षों का सबसे बेहतर आंकड़ा माना गया। विशेष रूप से दक्षिण हरियाणा और शहरी क्षेत्रों में स्थिति अधिक चिंताजनक है।
विज्ञापन


8 मई को अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए आठवें फेरे संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसे लागू करने के लिए सोमवार को पंडितों और अन्य धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर सहमति बनाई जाएगी।
- डॉ. अनामिका बिश्नोई, डिप्टी सिविल सर्जन, जिला नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें