हांसी नागरिक अस्पताल में जांच करवाने के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
हांसी। कड़ाके की ठंड और शीतलहर त्वचा की सेहत पर भारी पड़ रही है। ठंड बढ़ने के साथ ही दाद, खुजली, लाल चकत्ते और हाथ-पैरों में सूजन की शिकायत वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 20 से 25 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी क्लीनिकों में भी ऐसे मरीजों की भीड़ देखी जा रही है।
नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं होने के कारण गंभीर त्वचा रोगों से पीड़ित मरीजों को हिसार रेफर किया जा रहा है जबकि सामान्य मामलों का उपचार एमबीबीएस चिकित्सकों की ओर से किया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार ठंड के मौसम में हवा में नमी की कमी और शुष्क हवाओं के चलते त्वचा अपनी प्राकृतिक चिकनाई खो देती है। इससे त्वचा रूखी होकर फटने लगती है और तेज खुजली की समस्या होती है।
नागरिक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विशेष न्यौलिया ने बताया कि ठंड के कारण पहले से मौजूद सोरायसिस और एक्जिमा जैसी बीमारियों के लक्षण और अधिक गंभीर हो जाते हैं। लोग नहाने के लिए अत्यधिक गर्म पानी का उपयोग कर रहे हैं जिससे त्वचा का लिपिड बैरियर खराब हो जाता है और रूखापन बढ़ जाता है। ऐसे में त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन या अत्यधिक खुजली होने पर घरेलू उपचार के बजाय तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
यह बोले विशेषज्ञ :
नागरिक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कामिद मोंगा ने बताया कि एलर्जी या खुजली वाली जगह पर दिन में दो से तीन बार अच्छी गुणवत्ता वाला मॉइस्चराइजर या नारियल तेल लगाना चाहिए। बहुत गर्म पानी की जगह हल्के गुनगुने पानी से स्नान करें और साबुन का सीमित उपयोग करें। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी त्वचा को स्वस्थ रखने में मददगार साबित होता है।
यह उपाय भी अपनाएं :
- ठंडी हवा से बचने के लिए पूरे बाजू के कपड़े, मोजे और दस्ताने पहनें।
-हीटर का ज्यादा उपयोग त्वचा को और रूखा करता है, जरूरत हो तो ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
-फल, हरी सब्जियां, विटामिन ए, सी और ई युक्त भोजन त्वचा को स्वस्थ रखते हैं।