हिसार ड्रेन पर काम करते श्रमिकों के लिए भोजन लेकर जाते नलवा विधायक रण्धीर पनिहार के बेटे भूपें
हिसार। दाहिमा और लाडवा गांव के बीच टूटी घग्गर ड्रेन दूसरे दिन वीरवार को 40 घंटे बाद भी दुरुस्त नहीं की जा सकी। इसके किनारे को बांधना बेहद मुश्किल लग रहा है। ड्रेन से निकला पानी 80 मकानों में घुस गया है। राहत कार्य में लगाए 1200 से अधिक मनरेगा मजदूर ड्रेन टूटने की जगह से दो एकड़ दूर खेत में बांध बना रहे हैं ताकि उससे आगे पानी न जा पाए। ड्रेन वीरवार को भी ओवरफ्लो रही। इसमें लाडवा से दाहिमा और कैमरी से गंगवा के बीच सबसे अधिक खतरा बना हुआ है।
दोनों गांव को बाढ़ से बचाने के लिए रोड पर मिट्टी का बांध बनाया गया है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी लगातार ड्रेन की निगरानी कर रहे हैं। वीरवार सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ड्रेन के किनारों को मजबूत करने का काम किया गया। इससे पहले दोपहर में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। विधायक रणधीर पनिहार के बेटे भूपेंद्र पनिहार ने बताया कि मनरेगा मजदूरों तक भोजन पहुंचाने के लिए किश्ती का सहारा लेना पड़ा। सिंचाई विभाग की ओर से ट्रैक्टर और जेसीबी लगाई गई है। आसपास पानी होने के कारण मनरेगा मजदूरों को एक किलोमीटर दूर से मिट्टी के बैग सिर पर रखकर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इसके चलते काम की गति काफी धीमी है।
56 हजार से ज्यादा किसानों ने करवाया पंजीकरण
बारिश व ड्रेन टूटने के कारण जलभराव से प्रभावित किसान अपनी फसलों में खराबे की रिपोर्ट 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं। पोर्टल पर अब तक जिले 276 गांवों के 56 हजार 405 किसान 3 लाख 47 हजार 796 एकड़ भूमि में फसल नुकसान का पंजीकरण करा चुके हैं। किसानों के पास अपने नुकसान का ब्योरा दर्ज कराने के लिए अब चार दिन का समय बचा है। उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्राप्त दावों का विशेष गिरदावरी के रूप में सत्यापन किया जाएगा और इसके बाद निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
मुआवजे के लिए उपायुक्त कार्यालय का घेराव 15 को
अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू ने मुआवजे के लिए 15 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की है। किसान सभा के हिसार तहसील पदाधिकारियों ने प्रधान रमेश मिरकां के नेतृत्व में वीरवार को बाढ़ प्रभावित गांव मिरकां, गूंजार, दाहिमा, भोजराज, मंगाली, देवा, मुकलान, सिंघरान, कालवास व चिड़ौद का दौरा कर हालात जाने। किसान सभा के हिसार तहसील सचिव अभय राम फौजी ने कहा कि नुकसान के हिसाब से किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए।