स्वास्थ्य विभाग द्वारा जाट धर्मशाला में बनाए गए कोविड-19 केयर सेंटर में तैनात चिकित्सक द्वारा ड्यूटी में कोताही बरतने का मामला सामने आया है। डॉक्टर का नाम नितिन नारंग है, लेकिन ऑडियो में डॉ. रमेश पूनिया डॉ. मोबिन का नाम लेते हैं। डॉ. पूनिया का कहना है कि उन्हें डॉक्टर का नाम नहीं पता था। डॉ. नारंग पर आरोप है कि वे धर्मशाला में जाकर बाहर ही रजिस्टर मंगवाते हैं और साइन करके लौट जाते हैं।
ऑडियो में जो बातचीत है, उससे पता चल रहा है कि डॉ. नितिन कोरोना से डरकर अपनी ड्यूटी से लौट जाते हैं, क्योंकि उसमें वह कह रहे हैं कि हर रोज खबर आ रही है कि डॉक्टरों को कोरोना हो रहा है। इसके अलावा 3 मिनट 7 सेकेंड की वायरल ऑडियो में डॉ. नितिन दबी आवाज में बात करते हैं। वे रजिस्टर बाहर मंगवाकर साइन करने की बात का भी जवाब नहीं देते और उसे बार-बार गोल कर जाते हैं। सीएमओ ने नोडल ऑफिसर को इस मामले की जांच करने के लिए कहा है।
पीएचसी कैमरी में तैनात हैं डॉ. नितिन नारंग
डॉ. नितिन नारंग कैमरी गांव स्थित पीएचसी में एएमओ (आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर) के पद पर तैनात हैं। उन्हें आठ जून को हिसार बुलाया गया था और जाट धर्मशाला स्थित कोविड-19 केयर सेंटर में मरीजों की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया था। इस सेंटर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों को इलाज के लिए रखा गया है।
मेरे पास डॉ. समीर का फोन आया था। उन्होंने कहा कि सीएमओ ने मुझे बुलाया है। जब मैं निकलने लगा तो स्टाफ नर्स टीना ने कहा कि दवा खत्म हो गई है तो मैंने दवा का रजिस्टर मंगवाया था, जिसे मैं चेक कर रहा था। जिस समय डॉ. पूनिया का फोन आया था, उस समय मैं सीएमओ के पास बैठा था। ऑडियो में छेड़छाड़ करके जानबूझकर वायरल की गई है।
- डॉ. नितिन नारंग, एएमओ आयुर्वेदिक, नागरिक अस्पताल, हिसार
मुझे राजीव सरदाना से फोन पर धर्मशाला का गेट खुला होने की शिकायत मिली थी। वहां गया तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौजूद नहीं थे और उनके द्वारा रजिस्टर बाहर मंगवा कर साइन करके लौट जाने की बात का पता चला। उसके बाद मैंने उनसे फोन पर बात की थी। ऑडियो वायरल कैसे हुई, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं।
- डॉ. रमेश पूनिया, जीव वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी कोविड-19 क्वारंटीन
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। नोडल ऑफिसर को मामले की जांच करने को कहा गया है। कोविड-19 केयर सेंटर पॉजिटिव मरीजों के लिए होते हैं। जिसकी ड्यूटी नहीं है, उनको भी वहां जाने की जरूरत नहीं होती है। ये सभी एंगल नोडल ऑफिसर को बोले गए हैं, वो इस पर जांच करेंगे। नियमानुसार डॉ. रमेश पूनिया को भी केयर सेंटर में नहीं जाना चाहिए था, क्योंकि वह सेंसिटिव एरिया है।
- डॉ. योगेश शर्मा, सीएमओ, हिसार