फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: पानी सूखने पर चलेगा क्षति का पता

Sat, 13 Sep 2025 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
विज्ञापन
हिसार के गांव भैणी बादशाहपुर ​त आयुष्मान आरोग्य मंदिर के गेट पर भरा पानी।
विज्ञापन
पानी सूखने पर चलेगा क्षति का पता
विज्ञापन

हिसार। जिले के तीन सरकारी अस्पताल 12 दिनों से जलमग्न हैं। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कैमरी, आर्यनगर और बरवाला शामिल हैं। वहां रखा सारा सामान भीगने से गलने लगा है। पानी हटने तक वहां रखा कई कीमती सामान खराब होने की आशंका है। इस क्षति का पता पानी सूखने पर ही चल सकेगा।
पानी से भरे तीनों अस्पतालों के मकान जर्जर घोषित हो चुके हैं। इनमें से कैमरी में मकान बनाने की स्वीकृति तक मिल चुकी है लेकिन अब इन अस्पतालों में पानी भरने के कारण वहां संचालित ओपीडी सेवा आसपास के अन्य भवनों में संचालित की जा रही है लेकिन प्रसव और आपातकालीन उपचार समेत भर्ती होने की सुविधा भी स्थानीय मरीजों से छिन चुकी है।
विज्ञापन

गांव कैमरी निवासी मनोज कुमार ने बताया कि उनकी पड़ोस में रहने वाली गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई। इसके लिए परिजन उन्हें पीएचसी में ले गए लेकिन वहां सिर्फ प्राथमिक उपचार मिलने के कारण गर्भवती को दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया। इन अस्पतालों में रखे कागजात, कीमती मशीनों समेत लकड़ी और लोहे से बना फर्नीचर भी खराब होना तय है। हालांकि इन परिसरों से पानी निकालने के लिए ट्रैक्टर और बिजली की मोटर चलाई जा रही है। इन अस्पतालाें में कार्यरत और वहां रहने वाले स्वास्थ्यकर्मी भी जलभराव से परेशान हैं।
विज्ञापन


आपदा प्रभावितों के लिए विशेष अभियान चला रहा स्वास्थ्य विभाग
हिसार। स्वास्थ्य विभाग आपदा प्रभावितों के लिए 10 दिनों से विशेष अभियान चला रहा है। इसके तहत शुक्रवार को गांव मेहंदा और उमर में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। विभागीय कर्मचारियों ने स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र घिराय, मुजादपुर, धानकलां, सोरखी, ढाणी पीरवाली, ढंडेरी, गढ़ी में भी लोगों को स्वास्थ्य की देखभाल के लिए प्रेरित किया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि 27 गांव और 18 शहरी क्षेत्रों में जलभराव हुआ है। इनमें से चार गांव और पांच शहरी क्षेत्रों में पानी सूखने लगा है। विभागीय 206 ग्रामीण और 39 शहरी टीमों ने इन ग्रामीणों की स्वास्थ्य देखभाल की। कुल 248 जगह शिविर लगाकर 4,898 लोगों को परामर्श दिया। इनमें से 1,004 लोग बुखार पीड़ित मिले। कुल 563 लोगों ने त्वचा संबंधी परेशानी बताई। डायरिया की रोकथाम के लिए ओआरएस के 2,544 पैकेट बांटे गए। जलभराव वाले कई क्षेत्रों में मच्छरनाशक काला तेल डालकर फॉगिंग भी कराई जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें