हिसार। नगर निगम ने सुशीला भवन की करोड़ों रुपये की जमीन वापस लेने का निर्णय लिया है। सुशील भवन ट्रस्ट का पट्टा 45 साल पहले 1979 में ही खत्म हो चुका है। नगर निगम अब सुशीला भवन ट्रस्ट को चलाने वालों से पिछले 45 साल का किराया ब्याज समेत वसूलेगा, जिसमें जमीन व दुकानों का किराया लिया जाएगा।
सुशीला भवन ट्रस्ट ने 1959 में तात्कालिक नगर पालिका से 2010 गज जगह को 20 साल के लिए लीज पर लिया था। लाला जसवंत राय चूड़ामणी को यह जमीन लीज पर दी गई थी। जिसमें यहां पार्क बनाया जाना था उस स्थान पर ट्रस्ट ने दुकानें बना दी। इसके बाद ट्रस्ट ने 9 दिसंबर 1963 को लीज 99 साल करने का प्रस्ताव पास किया गया। प्रस्ताव को 10 जनवरी 1964 को डीसी को भेजा गया। जिसे डीसी ने खारिज कर दिया। इस बीच लीज होल्डर ने यहां दुकानों को सब लेट करते हुए दूसरे लोगों को किरायेदार बना लिया।
जसवंत राय चूड़ामणी ने अपनी पत्नी सुशीला की याद में यहां भवन का निर्माण कराया। बाद में सेठ महेश व हहार की पहली विधायक स्नेहलता ने इस भवन को संभालना शुरु किया।
लीज की शर्त में तय किया गया था कि यहां सार्वजनिक पार्क बनाया जाएगा। किसी तरह के स्ट्रक्चर का निर्माण नहीं होगा। एग्रीमेंट का समय खत्म होने से पहले जमीन को वापस करना होगा। पार्क के चाराें ओर 20 फीट चौड़ा फुटपाथ छोड़ा जाएगा।