हिसार। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने सोमवार को नगर निगम कार्यालय में 150 किलोवाट ऑन ग्रिड सोलर पावर प्लांट का शिलान्यास किया। खास बात यह है कि इस प्लांट से निगम को प्रति वर्ष 22.50 लाख रुपये की बचत होगी। इसके निगम कार्यालय में नए ब्लॉक का उद्घाटन भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्लांट को लगाने पर 64.84 लाख रुपये की लागत आएगी। इस प्लांट से हर साल 2.25 लाख यूनिट पैदा होगी। 25 साल में इस प्लांट से 5.62 करोड़ रुपये की बचत होगी।
ऑन ग्रिड सोलर पावर प्लांट का मतलब है कि आपके सोलर पैनल सामान्य बिजली ग्रिड से जुड़े हैं। जब सूरज चमकता है, पैनल बिजली उपन्न करते हैं और आप उसे घर में इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप अधिक बिजली बनाते हैं तो यह ग्रिड में वापस चली जाती है, जिससे आपका बिल कम हो सकता है।
प्लांट के अन्य फायदे
- सौर ऊर्जा स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करती है, जिससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता काफी कम हो जाती है।
- 150 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्र सालाना लगभग 90 हजार किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन बचा सकता है।
- 150 किलोवाट के ऑन ग्रिड सौर संयंत्र में न्यूनतम रखरखाव की लागत आती है।
- इसका परिचालन जीवनकाल भी लंबा है।
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ब्लॉक निर्माण पर खर्च हुए 36.17 लाख रुपये
निगम कार्यालय में नए ब्लॉक के निर्माण पर 36.17 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इस ब्लॉक में सीपीओ शाखा, तहबाजारी शाखा, स्थापना स्वास्थ्य शाखा के कर्मचारी बैठेंगे। इसके अलावा इसमें भवन शाखा रिकॉर्ड व लेखा शाखा रिकॉर्ड के रखने की भी व्यवस्था की जाएगी।