समीपवर्ती गांव बोबुआ मे एक बालक को नशीला पदार्थ सुंघाकर उसका अपहरण करने का मामला प्रकाश में आया है। कुछ लोगों के कारण बालक को अपहरणकर्ता के चंगुल से छुड़वाया।
इसके बाद ग्रामीणों ने नशे में धुत अपहरणकर्ता की जमकर धुनाई की और पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया।
इस मामले में बालक के चाचा संदीप ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है ताकि पुलिस मामले की जांच कर सके फिलहाल जांच जारी है।
पुलिस ने बालक के चाचा संदीप की शिकायत पर अपहरणकर्ता गांव हसनगढ़ निवासी सुमेर उर्फ डीसी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
बोबुआ गांव का लगभग 10 वर्षीय चौथी कक्षा में उकलाना के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाला अंकित नामक छात्र अपने घर से थोड़ी ही दूर प्लाट में खेलने गया था।
तभी एक व्यक्ति उसके पास आया और उसे कागज पर लिखे नंबर को दिखाने के बहाने कागज उसके मुंह के आगे कर दिया और उसे नशीली वस्तु सुंघा दी।
नशीली वस्तु सूंघते ही बालक अचेत हो गया। इसके बाद अपहरणकर्ता ने तार से बालक के हाथ पांव बांध दिए और उसे उठाकर गांव की मुख्य सड़क के किनारे बने शिव मंदिर के पास ले गया।
अपहरणकर्ता ने शिव मंदिर के पास बालक को बिठा दिया । इसके बाद अपहरणकर्ता बालक को गांव से दूर ले जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लग गया।
इसी दौरान वहां से एक वाहन पर कुछ व्यापारी गुजरे तो उन्होंने बालक को इस प्रकार अचेत अवस्था में देखा। इस पर उन्होंने वही रुककर आसपास लगते खेतों में काम कर रहे गांव के लोगों से इस घटना के बारे में पूछताछ की।
घटना की जानकारी मिलने पर काफी ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बंधे हुए बालक को पहचान लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने थोड़ी दूरी पर ही नशे में धुत एक व्यक्ति को बैठा देखा।
इस बीच बालक को भी होश आ गया। जिससे अपहरणकर्ता की पोल खुल गयी। पोल खुलते ही ग्रामीणों ने आरोपी की जमकर धुनाई की और इस घटना की सूचना पुलिस को दी। एहतियात के तौर पर बालक अंकित को बरवाला शहर के एक निजी अस्पताल में लाया गया।