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Hisar News: लिपिकों ने किया शक्ति प्रदर्शन, आज फूंकेंगे सरकार का पुतला

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हिसार। लघु सचिवालय के आगे मांगों को लेकर धरने पर बैठे लिपिकों ने वीरवार को शक्ति प्रदर्शन किया। लिपिकों ने लघु सचिवालय से चलकर आईजी कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। वहीं लिपिकों से स्पष्टीकरण मांगने पर एचएयू के गेट के सामने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। शुक्रवार को लिपिक अनदेखी के खिलाफ सरकार का पुतला फूंकेंगे।
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क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी (सीएडब्ल्यूएस) के जिला प्रधान जितेंद्र श्योराण ने कहा कि सरकार फूट डालो राज करो की नीति अपनाए हुए है। सरकार ने कर्मचारियों का वेतनमान रोककर कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। सरकार वार्तालाप न करके धरने को लंबा खींच रही है। सरकार की ऐसी नीतियों से लिपिकीय वर्ग का कोई भी कर्मचारी नहीं डरेगा तथा ना ही पीछे हटेगा। सरकार कभी बाढ़ को लेकर तो कभी नूंह दंगों की आड़ लेकर कमेटी से वार्तालाप नहीं कर रही है।
ऑल हरियाणा यूनिवर्सिटी फेडरेशन के चेयरमैन व एचएयू के गैर शिक्षा कर्मचारी कल्याण संघ के प्रधान दिनेश राड़ ने बताया कि विश्वविद्यालय के मुखिया की ओर से हड़ताल पर बैठे लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियाें को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इससे सभी में रोष है।
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मीडिया प्रभारी मुकेश तंवर ने बताया कि शुक्रवार को लघु सचिवालय के सामने प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया जाएगा। धरने के 30वें दिन उपायुक्त कार्यालय के सहायक अभिमन्यू व लिपिक प्रभूराम ने धरने की अध्यक्षता की। मंच संचालन दिनेश पूनिया ने किया। वीरवार को उपायुक्त कार्यालय के स्टैनो प्रदीप कुमार, लिपिक कुलदीप, परमजीत, गजेंद्र, रानी क्रमिक भूख हड़ताल पर रहे। इस अवसर पर सुभाष ढिल्लों, सुनील गुर्जर, यशवीर, प्रवीण गर्ग, सुधीर सांगवान, मुकेश जांगड़ा, दीपक जांगड़ा, सरोज दहिया, ऊषा, गीता मौर, भावना आदि मौजूद रहे।
कुछ लिपिक काम पर लौटे तो डीईईओ कार्यालय पर हड़ताली कर्मियों ने किया हंगामा

लघु सचिवालय के बाहर क्लर्क अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। वीरवार को धरने पर बैठे कुछ कर्मचारी जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय में काम पर लौट गए। इसकी सूचना मिलने पर हड़ताली कर्मचारी कार्यालय पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान एक कर्मचारी ने नेताओं की तरफ अभद्र इशारा किया तो मामला बढ़ गया। दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। शोर शराबा सुनकर जिला शिक्षा अधिकारी ने दोनों पक्षों को अंदर बुलाया और बातचीत कर मामला शांत कराया।
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