समाधा रोड स्थित पुराने डंपिंग स्टेशन में बना हुआ कचरे का पहाड।
हांसी। नगर परिषद के पास अलग से डंपिंग स्टेशन होने के बावजूद कचरा निस्तारण के लिए कोई प्लांट नहीं है। इसके चलते शहर में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग नहीं किया जाता। न ही नगर परिषद की कचरा निस्तारण की कोई योजना है। हालांकि नगर परिषद ने पुराने दो डंपिंग स्टेशन में जमा कचरे के निस्तारण के लिए प्लांट लगाने की बीते वर्ष योजना बनाई हुई है। इसके लिए बीते वर्ष टेंडर भी लगाया था। टेंडर को खोलकर मुख्यालय में अनुमति के लिए भेजा गया है।
समाधा रोड व बीड फार्म के पुराने डंपिंग स्टेशन में जमा कचरे के निस्तारण के लिए करीब 8 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यहां पर लीगेसी वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट (पुराना कचरा निस्तारण संयंत्र) लगाया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने बीते वर्ष टेंडर लगाया गया था। टेंडर किस फर्म को देना है यह शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय देखेगा। ऐसे में नगर परिषद ने मुख्यालय से अनुमति मांगी है। वहां से अनुमति मिलने के बाद प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू होगा। इस प्लांट से समाधा रोड स्थित डंपिंग स्टेशन व बीड फार्म स्थित डंपिंग स्टेशन में जमा कचरे का निस्तारण किया जाएगा। यह दोनों डंपिंग स्टेशन बीते काफी समय से बंद है। दोनों पुराने डंपिंग स्टेशन पर अब भी कचरे के पहाड़ बने हुए हैं। कचरा जमा होने से यहां भूमि का भी कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। कचरा सालों पुराना हो गया है। परिषद के अनुमान से यहां पर 109 से 150 मिलियन टन कचरा जमा होगा। वर्ष 2017 से लेकर 2023 तक यहां पर कचरा डाला गया है, लेकिन इस कचरे का निस्तारण नहीं हो पाया था। यहां कचरे के निस्तारण के दौरान जैविक बारीक पदार्थ, ईंटें, पत्थर, प्लास्टिक, धातु, कपड़े आदि अलग किए जाएंगे। इससे यहां पर पड़े कचरे से आस पास के लोगों को निजात मिलेगी।
10जेएनडी29: चुनाव जीतने के बाद प्रधान समेत अन्य पदाधिकारी खुशी मनाते हुए। अधिवक्ता- फोटो : रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।