हिसार। नगर निगम प्रशासन की ओर से सोमवार को कमला नगर में बेसहारा पशु पकड़ने का अभियान चलाया। टीम ने शहर से 18 पशु पकड़े। इसी दौरान एक पशुपालक ने छुरे से 18 एमएम की रस्सी काटी और अपनी दुधारू गाय को छुड़वा ले गया। टीम का आरोप है कि पीसीआर में तैनात पुलिस कर्मचारी ने उसे पकड़ने का प्रयास तक नहीं किया।
जानकारी के अनुसार निगम की पशु पकड़ने वाली टीम सोमवार सुबह मुल्तानी चौक एरिया में पहुंची। यहां चार-पांच पशु खड़े थे। टीम ने पशुओं को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पहुंचे बाइक सवार पशुपालकों ने पशुओं को वहां से भगा दिया। टीम का आरोप है कि टीम के साथ मौजूद पुलिस पीसीआर पर तैनात कर्मचारियों ने कुछ नहीं किया। इसके बाद टीम डोगरान मोहल्ला से होते हुए शास्त्री नगर पहुंची। यहां से टीम ने छह पशुओं को पकड़ा। इसके बाद कमला नगर से 10-12 पशु खड़े दिखाई दिए। टीम ने जैसे ही उन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो कुछ लोगों ने उन्हें भगाना शुरू कर दिया। हालांकि टीम ने दो दुधारू गाय समेत चार पशुओं को पकड़ लिया। इस दौरान टीम ने पशुओं को रस्सी से खंभे के साथ बांध दिया और गाड़ी का इंतजार करने लगे। आरोप है कि टीम के साथ मौजूद पीसीआर करीब 50 मीटर दूर खड़ी थी। अचानक एक युवक आया और छुरे की मदद से 18 एमएम की रस्सी काट अपनी गाय को छुड़वा ले गया। इस दौरान पुलिस कर्मचारी मौन बैठे रहे।
तीन पुलिस कर्मचारियों की लगी है ड्यूटी
टीम के अनुसार उनके साथ तीन पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई है, मगर ज्यादातर एक या दो कर्मचारी गायब रहते हैं। ऐसे में उन्हें इनका कोई खास फायदा नहीं मिल रहा है।
कब-कब हुईं घटनाएं
22 जून : सेक्टर-14 में बाइक सवार पशुपालकों ने टीम से कई पशु छुड़वाए।
23 जून : सेक्टर-14 में पशुपालकों ने झगड़ा कर टीम के कब्जे से पशु छुड़वाए।
नई सब्जी मंडी के आगे पशुपालक अपनी गाय छुड़वा ले गया।
शहर में बने अवैध पशु बाड़े
शहर के कई क्षेत्रों में अवैध पशु बाड़े बने हैं। जिन क्षेत्रों में पशु बाड़े चल रहे हैं, उनमें पड़ाव एरिया, पटेल नगर, मिल गेट रोड, आजाद नगर एरिया शामिल हैं। ये पशुपालक दूध निकालने के बाद अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। जिस कारण पशु शहर में दिनभर घूमते रहते हैं और हादसों व गंदगी फैलाने का कारण बनते हैं।
टीम सदस्यों की तरफ से शिकायत मिली है। यह एक गंभीर मामला है। मैं इस बारे में एसपी से बात करूंगा। पहले भी इस तरह की शिकायतें मिली हैं। - अशोक गर्ग, निगमायुक्त