मुस्लिम कल्याण कमेटी देहाती एवं शहरी के तत्वावधान में मुस्लिम समाज के लोगों ने क्रांतिमान पार्क में ईद-उल-जुहा (बकरीद) की नमाज अदा कर देश और प्रदेश की खुशहाली की दुआएं मांगी।
एक-दूसरे को गले मिलकर लोगों ने ईद की मुबारकबाद देकर खुशियां बांटी। ईद-उल-जुहा की नमाज जामा मस्जिद के ईमाम मौलाना शमीम अहमद ने अता करवाई और ईद-उल-जुहा के महत्व के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि यह पर्व अल्लाह के प्रति वफादारी व कुर्बानी के रूप में मनाया जाता है। यह सुन्नते इब्राहिम है। यह पर्व पैगम्बर हजरत इब्राहिम अलेहिस्लम से अल्लाह द्वारा ली गई।
परीक्षा और उस पर हजरत साहब द्वारा खरे उतरने की याद में मनाया जाता है। इस दौरान मुस्लिम कल्याण कमेटी देहाती व शहरी ने सभी देश व प्रदेशवासियों को ईद-उल-जुहा की मुबारकबाद दी।
इस दौरान कमेटी के प्रधान होशियार खान ने कहा कि यह त्योहार समाज में आपसी भाईचारे, वफादारी व एकता से रहने की नसीहत देता है।
इस मौके पर मुस्लिम समुदाय ने समाज को ईदगाह व धर्मशाला की सरकार द्वारा जगह नहीं दिए जाने पर रोष जताया। इस मौके पर हाजी अफजल, बरकत अली, मा. सुतारदीन, सलीम कुरैशी, दीवान अली, वकील सोहेल अख्तर आदि मौजूद रहे।
बालसमंद में अदा की नमाज
गांव बालसमंद में मुस्लिम समाज की ओर से बकरीद का पर्व मनाया गया। सुबह ईद-उल-जुहा की नमाज अदा की गई।
समाज के लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। इस मौके पर नरसी बल्हारा, लियाकत अली खिलजी, फिरोज खान, सुदाम, पंच कृष्ण, मुमताज अली सहित अनेक समाजबंधु उपस्थित रहे।