गांव रायपुर में अपहरणकर्ताओं के नाम पर हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को फिर एक डेढ़ साल की बच्ची का अपहरण होने की सूचना पर पुलिस को खूब दौड़ाया।
परिजनों ने मोहल्ले में और पूरे गांव में बच्ची की तलाश की, लेकिन बच्ची कहीं नहीं मिली। आखिर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
जब पुलिस पहुंची तो बच्ची परिजनों को मिल चुकी थी। बच्ची घर में ही कमरे में बंद थी। करीब एक घंटे तक बच्ची कमरे में बंद रही, बाद में परिजनों ने उसे संभाला।
रविवार को आठवीं कक्षा की एक छात्रा सुबह आठ बजे लापता हो गई थी। मंगलवार को उसका शव लाडवा के पास नहर में मिला।
परिजनों का आरोप था कि छात्रा का अपहरण कर उसके साथ दुराचार किया गया और बाद में हत्या कर दी गई। इस मामले के बाद पूरे गांव में खौफ का माहौल है।
बुधवार सुबह गांव निवासी सुभाष की डेढ़ साल की बच्ची लापता हो गई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
बच्ची को भूलवश उसकी दादी ने ही कमरे में बंद कर दिया था। कमरे को बाहर की कुंडी लगाकर दादी पड़ोस में चली गई।
परिजन सोचे, वह घर के सदस्य के पीछे कहीं बाहर निकल गई, जिसका अपहरण हो गया। परिजनों ने मामले की सूचना कंट्रोल रूम में दे दी।
सूचना मिलते की कैंट पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंच गई। कैंट चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार ने बताया कि पुलिस मौके पर गई थी, लेकिन बच्ची घर में ही मिल गई। बच्ची की दादी ने भूलवश बाहर से बच्ची के आगे कमरे की कुंडी लगा दी थी।