बरवाला। गांव सरहेड़ा में किसान अशोक कुमार लाठर के मकान की प्रस्तावित कुर्की किसान-मजदूरों की एकता के चलते टल गई। बुधवार सुबह संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारी संख्या में किसान और मजदूर एकजुट हुए जिसके कारण बैंक कर्मी और पुलिस प्रशासन मौके पर नहीं पहुंच सके।
वरिष्ठ किसान नेता शमशेर सिंह नंबरदार ने कहा कि देश में बड़े उद्योगपति करोड़ों रुपये लेकर विदेश भाग जाते हैं लेकिन गरीब किसान और मजदूर थोड़े से कर्ज के कारण बेघर किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे अन्याय और दोहरी नीति करार दिया।
पंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि निजी बैंक मनमाने ढंग से ब्याज पर ब्याज लगाकर किसानों पर अनावश्यक बोझ डाल रहे हैं और आरबीआई की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी कुर्की की कार्रवाई हुई तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से कहा कि ऋण वसूली मानवीय और कानूनसम्मत तरीके से की जाए।
पंचायत की अध्यक्षता जिला सचिव सरबत पूनिया और रामफल सरहेड़ा ने की। संयुक्त किसान-मजदूर बाडोपट्टी टोल कमेटी के अध्यक्ष सरदानंद राजली ने संचालन किया। बिंदर नंबरदार, संदीप बलौदा, डॉ. मियां सिंह, अनिल बैंदा, जितेंद्र बूरा, धोला जेवरा, राजीव मलिक और ईश्वर वर्मा बाडोपट्टी माैजूद रहे। संवाद