फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: एकाकीपन पसंद करता है आरोपी, घर में किसी से साझा नहीं करता मन की बात

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। नाबालिग छात्र दीक्षित की हत्या का आरोपी किशोर घर में गुमसुम रहता है। उसे एकाकीपन पसंद है और परिवार में किसी से मन की बात साझा नहीं करता। ज्युवेनाइल जस्टिस (जेजे) बोर्ड के सदस्यों ने वीरवार रात आरोपी की काउंसिलिंग की, इस दौरान पता चला कि इकलौती संतान होने के कारण, परिवार के लोग उसे कुछ नहीं कहते थे।
विज्ञापन

राजकीय रेलवे पुलिस ने आरोपी किशोर को रात करीब एक बजे जेजे बोर्ड के समक्ष पेश किया। बोर्ड के सदस्यों ने करीब 30 मिनट तक परिजनों की मौजूदगी में काउंसिलिंग की। इसके बाद किशोर को बाल सुधार गृह फरीदाबाद भेज दिया गया। काउंसिलिंग में सामने आया कि किशोर की मां घरेलू कामकाज और पिता अपने काम में व्यस्त रहते हैं। इस कारण बेटे पर ध्यान ही नहीं दे पाते थे। पिता पेट्रोल पंप पर सेल्समैन हैं। इकलौता होने के कारण पिता-दादा और मां उससे डांटते नहीं थे। कभी कुछ कह भी दिया तो गुस्सा होकर सभी से वह बोलना बंद कर देता था, लेकिन अपना आक्रोश किसी के समक्ष बयां नहीं कर पाता था। घर से बाहर दोस्त कायर और डरपोक कहकर चिढ़ाते थे। कुछ ऐसी परिस्थितियों के कारण वह हर वक्त चिड़चिड़ा रहता था।
बंदूक खुले में ही रखते हैं दादा
आरोपी किशोर के दादा सेवानिवृत्त फौजी हैं। उनके पास लाइसेंसी डोगा बंदूक है, जो घर में खुले में ही रखते है। आरोपी को इसकी पूरी जानकारी थी। बंदूक कैसे चलाते हैं, कैसे पकड़ते हैं, कैसे कारतूस भरते हैं, यह उसे अच्छी तरह पता था। काउंसिलिंग के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी का स्कूल में भी व्यवहार काफी रूखा था। स्कूल प्रबंधन ने इस बारे में उसके अभिभावकों को शिकायत भी की थी, तब उन्होंने कहा कि हम स्कूल बदलवा देंगे।
विज्ञापन

निजी गाड़ी में जेजे बोर्ड के समक्ष लाए
नाबालिग को उसके परिवारजनों की मौजूदगी में अभिरक्षा में लिया गया। सादी वर्दी में पुलिसकर्मी उसे सरकारी गाड़ी की बजाय निजी गाड़ी में जेजे बोर्ड के समक्ष लाए। काउंसिलिंग के बाद रात को ही फरीदाबाद स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया गया। इस दौरान उसके परिजन भी साथ गए।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें