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सीएम से उद्घाटन के चक्कर में शहरवासियों को थमाई खटारा बसें

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मुख्यमंत्री से उद्घाटन करवाने के चक्कर में रोडवेज विभाग ने शहरवासियों को सिटी बसों के रूप में खटारा बसें थमा दी। गुड़गांव से हिसार डिपो में आई बसों की खस्ता हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से एक तो बीच रास्ते में ही रुककर खड़ी हो गई। बाद में ड्राइवर व कंडक्टर ने कड़ी मशक्कत करते हुए सिटी बस को रोडवेज की वर्कशॉप में पहुंचाया। गौरतलब है कि रोडवेज विभाग द्वारा शुरू की गई सिटी बस सेवा का शुभारंभ 27 जून को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया था।
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प्रेशर लीकेज की है मेन प्रॉब्लम
इन सिटी बसों को गुड़गांव से लाने के बाद सीधा रंग-रोगन करवाकर सड़कों पर दौड़ा दिया गया, लेकिन बसों की सर्विस व अन्य काम सही तरीके से नहीं करवाया गया है। इसके कारण बार-बार प्रेशर लीकेज की समस्या आ रही है। सिटी बसों को चलाने वाले ड्राइवरों ने बताया कि प्रेशर डाउन हो जाने के कारण न तो ब्रेक लग पाते हैं और न स्टेयरिंग काम करता है। क्लच प्लेट भी जाम हो जाती है, जिसके कारण बस को चला पाना मुश्किल हो जाता है।

बीच रास्ते में ही रूकी मंगाली रूट की बस
रविवार दोपहर 12.45 बजे बस स्टैंड से मंगाली के लिए चली सिटी बस जैसे ही अमरदीप कॉलोनी पहुंची तो अचानक प्रेशर लीक हो गया। बस की हालत इतनी खराब हो गई कि कंडक्टर को सिटी बस में सवार यात्रियों को उतरवाकर दूसरी रोडवेज बस में बिठाना पड़ा। इसके बाद आधे घंटे तक रुकने के बाद कड़ी मशक्कत के बाद धीरे-धीरे चलाते हुए ड्राइवर ने बस को रोडवेज वर्कशॉप में पहुंचाया।
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कंडक्टरों के सामने खुले पैसों की समस्या
ड्राइवर जहां प्रेशर लीकेज से परेशान हैं वहीं कंडक्टरों के सामने खुले पैसों की समस्या आ रही है। सुबह 5 व 6 बजे से सिटी बसों पर सवार होने वाले कंडक्टर जब थोड़ी दूरी के लिए यात्रियों से किराया लेते हैं तो खुले 5 रुपये की बजाय उन्हें 10 या उससे अधिक मूल्य के नोट पकड़ा दिए जाते हैं। इससे बार-बार खुले पैसों के लिए कंडक्टरों को परेशानी आ रही है। कंडक्टरों ने सवारियों से आह्वान किया है कि सिटी बसों में सवार होते समय छोटी दूरी के लिए 5 रुपये खुले रखें। इससे समय की बचत होगी।
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वर्जन
मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जॉब कार्ड देखने के बाद ही पता लग पाएगा। यदि कोई समस्या है तो फीडबैक लेकर उनका समाधान निकालेंगे।
- मनीष लोहान, रोडवेज महाप्रबंधक
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