हिसार। शहर से बंदरों को पकड़ने का टेंडर आखिरकार छठे प्रयास में सिरे चढ़ गया है। नगर निगम ने बहादुरगढ़ की एजेंसी को एक साल का ठेका दिया है। एजेंसी एक बंदर पकड़ने के लिए निगम से 1570 रुपये लेगी। विशेषज्ञ टीम बंदरों को पकड़कर नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका के जंगलों में छोड़कर आएगी।
अमर उजाला ने बुधवार को शहर में बंदरों से बढ़ी दहशत का समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद निगमायुक्त ने एजेंसी संचालक को बुलाकर टेंडर की दर पर चर्चा की। इसके बाद 1570 रुपये की दर तय की गई।
अनुबंध के तहत एजेंसी की विशेष टीम शहर के विभिन्न हिस्सों में जाल और आधुनिक उपकरणों की मदद से बंदरों को पकड़ेगी। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से फिरोजपुर झिरका के जंगलों में छोड़ा जाएगा, ताकि वे प्राकृतिक आवास में लौट सकें। निगम को उम्मीद है कि अभियान शुरू होने से मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और आवासीय इलाकों में बंदरों की समस्या का समाधान होगा।
स्थानीय निवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
शहर के प्रमुख क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से बंदरों का उत्पात बढ़ा हुआ था। बंदरों के काटने, सामान छीनने और छतों व बालकनियों में नुकसान पहुंचाने से नागरिकों में भय का माहौल था। लगातार टेंडर विफल होने से निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे। अब ठेका फाइनल होने से नागरिकों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। जल्द ही एजेंसी टीम तैनात कर बंदर पकड़ने का अभियान शुरू करेगी।
शहर में बंदर पकड़ने के लिए बहादुरगढ़ की एजेंसी को टेंडर जारी कर दिया गया है। एजेंसी अब जल्द ही शहर में बंदर पकड़ने का अभियान चलाएगी।
- डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त, नगर निगम।