अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश आरपी गोयल की अदालत ने कुकर्म के एक मामले का आठ माह में ही निपटारा करते हुए दोषी को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार 10 अप्रैल 2013 को एक व्यक्ति ने थाना सदर में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका सात वर्षीय बेटा घर के बाहर खेल रहा था कि इसी दौरान गांव का ही सुखदेव उर्फ जंगी उसके बेटे को टॉफी का लालच देकर अपने घर ले गया। वहां सुखदेव ने उसके बेटे के साथ कुकर्म किया।
पुलिस ने शिकायत पर आरोपी सुखदेव के खिलाफ धारा 377 और बाल संरक्षण अधिनियम 32/2012 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने बच्चे का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाया जिसमें कुकर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी सुखदेव को गिरफ्तार कर चालान अदालत में पेश किया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरपी गोयल की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए सुखदेव को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।