हिसार। तहसीलदारों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को भी जिलेभर में रजिस्ट्री का काम ठप रहा। लगातार दूसरे दिन तहसील कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा और जरूरी कार्यों के लिए पहुंचे नागरिकों को निराश लौटना पड़ा। हड़ताल के कारण शुक्रवार के लिए रजिस्ट्री से संबंधित कोई भी अपॉइंटमेंट जारी नहीं किया गया था, जिस वजह से लोग तहसीलों में नहीं पहुंचे।
जिले में प्रतिदिन औसतन करीब 600 दस्तावेजों का पंजीकरण होता है, जबकि हिसार जिला मुख्यालय पर ही रोजाना लगभग 200 दस्तावेज रजिस्टर्ड किए जाते हैं। हड़ताल के चलते यह पूरा कामकाज ठप रहा।
वीरवार के बाद शुक्रवार को भी प्रदेशभर के नायब तहसीलदार और तहसीलदार हड़ताल पर रहे। कार्यालयों में उपस्थित रहने के बावजूद अधिकारियों ने काम नहीं किया। तहसीलदार को निलंबित किए जाने के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदारों ने कलम छोड़ हड़ताल का एलान किया है। नायब तहसीलदार और तहसीलदार शुक्रवार को सामान्य दिनों की तरह कार्यालय तो पहुंचे, लेकिन हड़ताल में शामिल रहते हुए कोई कार्य नहीं किया।
हड़ताल के चलते रजिस्ट्री, शपथ पत्र, सेल डीड सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्य नहीं हो सके। तहसील विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि शुक्रवार के लिए जारी किए गए सभी टोकन नंबर रद्द कर दिए गए हैं। इन आवेदकों को बाद में नए टोकन जारी किए जाएंगे।
तहसीलदार मुकेश कुमार ने बताया कि यूनियन की प्रदेश सरकार के साथ बातचीत होने के बाद ही आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। हालांकि जिला राजस्व अधिकारी और उपमंडल अधिकारी के पास भी रजिस्ट्री की शक्तियां हैं, लेकिन वहां पर भी रजिस्ट्री का काम नहीं हो सका।
30 जनवरी को पटवारी-कानूनगो भी हड़ताल पर चले गए थे, जिसके चलते तहसीलों के कई कार्य बंद हो गए थे। चार फरवरी तक चली पटवारियों की हड़ताल के बाद पांच फरवरी को वे काम पर लौटे थे। इसके बाद वीरवार से तहसील कार्यालयों में कामकाज सुचारू होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन शुक्रवार को भी काम नहीं होने से अब सोमवार को ही व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद जताई जा रही है।