जिले भर में हरियाली का प्रतीक तीज का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने लोकगीत गाए और मेहंदी रचाई। वहीं युवकों ने पतंगबाजी का आनंद लिया है। स्कूलों में भी खूब कार्यक्रम हुए। गांव-गांव महिलाओं ने मिलकर झूला झूला और सावन, तीज के त्योहार पर गाए जाने वाले गीत... झूलन लागी है मां मेरी बाग में री, आए रही कोए संग सहेली चार।
महिलाओं और बच्चों ने मेहंदी लगाई और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा किया। जिले के समीपवर्ती गांव किरोड़ी में सामाजिक कार्यकर्ता एवं साक्षर महिला समूह की प्रधान अमरजीत कौर के नेतृत्व में गांव में तीज महोत्सव का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर अमरजीत कौर ने कहा कि तीज का त्योहार हरियाली और खुशहाली लेकर आता है। सभी त्योहारों की अगवानी करता है। इसके बाद हर महीने कोई न कोई त्योहार आ जाता है। तीज के त्योहार का विशेष महत्व इसलिए भी है, क्योंकि बरसात का मौसम होने के कारण पौधों पर नए कोपल, नए फल, फूल और सावनी की फसल की हरियाली भी होती है।