अग्रोहा। सरकार के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे नंगथला में बेमानी नजर आते हैं। अग्रोहा खंड के 13 हजार से अधिक आबादी वाले गांव में स्वास्थ्य सेवाएं बीमार हैं।
गांव का इकलौता उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) चिकित्सकों और स्टाफ की कमी, जर्जर भवन और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अपनी बदहाली की कहानी बया कर रहा है।
आबादी के लिहाज से यहां पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल) की जरूरत है लेकिन ग्रामीण आज भी बेहतर इलाज के लिए दूसरे गांवों का रुख करने को मजबूर हैं।
इसके विपरीत कम आबादी वाले पास के गांव लांधड़ी में पीएचसी है। नंगथला के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करीब साढ़े छह किलोमीटर की दूरी तय कर लांधड़ी जाना पड़ता है। इससे गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
वर्षों पुरानी उप स्वास्थ्य केंद्र की इमारत जर्जर हो चुकी है। केंद्र मुख्य सड़क से करीब दो फीट नीचे होने के कारण बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या भी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्टाफ की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। संवाद