हिसार। नागरिक अस्पताल में शव की अदला-बदली मामले में पीएमओ द्वारा गठित की गई पांच सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, आजाद नगर के श्मशान घाट में राजस्थान के गढ़ी छानी निवासी हाल आजाद नगर की गीता कॉलोनी के केशर का शव समझ परिजनों ने जगपाल का अंतिम संस्कार कर दिया था। इस पर जगपाल के परिजनों ने अस्थियां नहीं उठाई।
मंगलवार को उकलाना पुलिस आजाद नगर के श्मशान घाट गई और अस्थियां लेकर आई। उकलाना पुलिस ने मृतक जगपाल के बेटे दर्शन को बुधवार नागरिक अस्पताल में डीएनए टेस्ट के लिए बुलाया है। मृतक जगपाल के चचेरे भाई चांदीराम ने बताया कि उकलाना पुलिस का फोन आया था। पुलिस ने बताया कि वे आजाद नगर के श्मशान घाट से अस्थियां लेकर आए हैं। ये अस्थियां मृतक जगपाल की है या नहीं, यह जानने के लिए उनके बेटे का सैंपल लिए जाएगा। इसके बाद डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा।
गौरतलब है कि रविवार को नागरिक अस्पताल के शवगृह में चार शव रखे थे। सुबह राजस्थान के गढ़ी छानी निवासी केशर के परिजन पहुंचे। परिजनों ने शवगृह में शव की शनाख्त की और पोस्टमार्टम करवाकर गांव चले गए। दोपहरबाद खेड़ी मसानिया निवासी जगपाल के परिजन शव लेने पहुंचे। अस्पताल स्टाफ ने शनाख्त के लिए शव दिखाए तो परिजनों ने इनमें से कोई भी शव हादसे में जान गंवाने वाले जगपाल का नहीं बताया। इसके बाद खुलासा हुआ कि सुबह तो शव केशर का समझकर दे दिया, वह जगपाल का था। इस पर परिजनों ने हंगामा किया।
उकलाना थाना एसएचओ बलवंत सिंह ने बताया कि आजाद नगर एरिया के श्मशान घाट से अस्थियां लेकर आए हैं। बुधवार को जगपाल के बेटे को डीएनए टेस्ट के लिए बुलाया गया है। राजस्थान के गढ़ी छानी निवासी केशर कई साल से आजाद नगर की गीता कॉलोनी में रहता था। इसलिए परिजनों ने गांव न जाकर उसका अंतिम संस्कार आजाद नगर के श्मशान घाट में ही किया था।