हिसार। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में वजीफा नियमों में बदलाव के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज मामले में निलंबित मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुखबीर सिंह को विश्वविद्यालय प्रशासन ने बहाल कर दिया है। सोमवार को कथित तौर पर गुपचुप तरीके से ज्वाइन भी करवा दिया गया। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
एचएयू बचाओ संघर्ष समिति सदस्य एडवोकेट हर्षदीप गिल ने बताया कि सुखबीर सिंह को ज्वाइन कराने के बारे में पता चला है। इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र फिलहाल घर गए हुए हैं, लेकिन नए सेमेस्टर शुरू होने के बाद इस मामले पर व्यापक विचार-विमर्श कर रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, वह अब तक रद्द नहीं की गई है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर 11 जून को मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुखबीर सिंह व सुरक्षा गार्डों ने लाठीचार्ज किया था। इससे छह छात्रों को गंभीर चोटें आईं थीं। इस मामले में विश्वविद्यालय के आठ अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनमें सुखबीर सिंह के अलावा रजिस्ट्रार और एक प्रोफेसर शामिल हैं।
जांच रिपोर्ट में उठाए गए गंभीर सवाल
तत्कालीन मंडलायुक्त अशोक गर्ग की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि घटना के पांच महीने बाद भी विवि. प्रशासन यह पता नहीं लगा सका कि लाठीचार्ज में मुख्य सुरक्षा अधिकारी की क्या भूमिका थी। जांच कमेटी ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सुरक्षा अधिकारियों के पदों पर पूर्व सैनिकों को नियुक्त किया जाए।