हांसी (हिसार)। सदर थाना क्षेत्र के गांव कंवारी के सरपंच व सरपंच एसोसिएशन के तत्कालीन प्रधान नरसिंह उर्फ संजय दूहन की हत्या मामले में एसटीएफ ने निलंबित एएसआई सुरेश को एक साल बाद गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने फरार एएसआई पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ था। एसटीएफ ने उसे दिल्ली पुलिस की मदद से दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक तीन मार्च 2024 को सरपंच संजय दूहन अपने एक साथी के साथ कार में नारनौंद के गांव भैणी अमीरपुर में शादी समारोह में गए थे। रात करीब 8.30 बजे गांव लौटने के दौरान पूर्व सरपंच महाबीर के घर के पास पहुंचे तो कुछ लोगों ने उनकी कार को रुकवाया और संजय दूहन पर गोलियां चलाईं। इसके बाद भाग गए। गंभीर घायल संजय को हिसार के निजी अस्पताल लाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में एसआईटी व हिसार एसटीएफ को जांच सौंपी। संजय पर आठ गोलियां चलाईं थीं, जिनमें से छह उन्हें लगीं। इस मामले में पुलिस 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
जमीनी विवाद और चुनावी रंजिश में हत्या
जांच में सामने आया कि सरपंच संजय की हत्या जमीनी विवाद और चुनावी रंजिश में की गई थी। इस मामले में गांव के पूर्व सरपंच महावीर का बेटा कर्णपाल मुख्य आरोपी है। जांच में पता चला कि एएसआई सुरेश ने हमलावरों को हथियार उपलब्ध करवाए थे। इस पर उसे निलंबित कर दिया। पुलिस तब से इसकी तलाश में जुटी थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए सुरेश ने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी भी लगाई, लेकिन न्यायालय ने रद्द कर दी थी।
पर्व सरंपच के बेटे कर्ण पर गोली चलाने में नामजद था सरपंच
पूर्व सरपंच महाबीर के बेटे कर्णपाल पर गोली चलाने के आरोप में सरपंच संजय और उसका बेटा नामजद था। इसी रंजिश में हमलावरों ने संजय की गोली मारकर हत्या की थी।
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एएसआई सुरेश ने हमलावरों को हथियार उपलब्ध करवाए थे। उसे दिल्ली पुलिस की मदद से एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। - राजकुमार खर्ब, वकील, पीड़ित पक्ष