ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी महिलाएं पहला बच्चा लड़का ही चाहती हैं। इसको लेकर आदमपुर तहसील के विभिन्न गांवों में 16 साल से लेकर 49 साल की महिलाओं पर सर्वे किया गया। जिसमें ग्रामीण, शहरी, घरेलू, नौकरी और बिजनेस करने वाली महिलाओं को शामिल किया गया है।
इसके अलावा 9 अस्पतालों से डाटा लिया गया है। जिसके आधार पर यह सर्वे तैयार किया गया है। पहला बच्चा लड़का ही चाहना लोगों की रूढि़वादी सोच और शिक्षित न होना या कम होना दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले शहरी क्षेत्र में 20 प्रतिशत से कम महिलाएं पहला बच्चा लड़का चाहती हैं।
राजकीय महिला कॉलेज के भूगोल के असिस्टेंट प्रो. डॉ. प्रदीप शर्मा ने यह सर्वे 35 छात्राओं की टीम के साथ आदमपुर तहसील में किया था। 6 महीने के इस सर्वे के दौरान करीब 1000 महिलाओं से बातचीत की गई थी, जिनमें से 260 महिलाओं ने सर्वे को समझकर अपनी बात रखी। ग्रामीण क्षेत्रों में 89 प्रतिशत महिलाएं पहला बच्चा लड़का चाहती हैं। जबकि शहरी क्षेत्रों में 68 प्रतिशत महिलाएं पहला बच्चा लड़का चाहती हैं।
आयु वर्ग के अनुसार महिलाओं की पहले बच्चे (लड़के) को लेकर
आयुवर्ग प्रतिशत
18-24 साल 56
25-29 साल 33.3
30-34 साल 8.7
35-39 साल 1.3
40-49 साल 0.7
नोट : यह डाटा महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर आधारित है और इसके लिए आदमपुर तहसील के 9 अस्पतालों से डाटा एकत्रित किया गया है।
शिक्षा के अनुसार महिलाओं का वर्ग की पहले बच्चे लड़के को लेकर प्राथमिकता
प्राइमरी स्कूल पास 81 प्रतिशत
हाईस्कूल पास 84.6 प्रतिशत
सीसे स्कूल पास 94 प्रतिशत
ग्रेजुएशन पास 73 प्रतिशत
पोस्ट ग्रेजुएशन 77.7 प्रतिशत
नौकरी पेशा, खेती और व्यापार पर आधारित महिलाएं तो पहला बच्चा लड़का चाहती हैं
व्यापार 30 प्रतिशत
व्यापार और खेती 38 प्रतिशत
सरकारी नौकरी व खेती 98 प्रतिशत
हाई प्रोफाईल प्राइवेट जॉब 20 प्रतिशत
मजदूर वर्ग 20 प्रतिशत
अधिकारी के अनुसार
करीब 1000 महिलाओं को सर्वे में शामिल किया गया था, जिसमें से 260 महिलाओं को सर्वे में शामिल प्रश्न समझ आए और महिलाओं ने उनके जवाब दिए। सर्वे के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं आज भी पहला बच्चा लड़का ही चाहती हैं। अगर पहला बच्चा लड़की होती है तो दूसरे बच्चे के बारे में सोचती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का शिक्षित कम होना, रूढ़िवाद सोच रखना बेटी को बोझ समझना आदि लोगों की मानसिकता है। सर्वे में सदलपुर, आदमपुर, कोहली, खारा खेड़ी सहित आसपास के 8 गांवों को शामिल किया गया था।
-डॉ. प्रदीप शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजकीय महिला कॉलेज, हिसार।