हिसार। प्रदेश में टीबी बीमारी पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यस्क बीसीजी टीबी वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। पहले कार्यक्रम 8 जनवरी से शुरू होना था लेकिन अब यह कार्यक्रम इस सप्ताह से शुरू होगा। कार्यक्रम की शुरुआत के दौरान 18 आयुवर्ग से अधिक लोगों की पहचान की जाएगी जो धूम्रपान करते हैं। इसके अलावा जिनको शुगर है या 5 साल पहले टीबी से ग्रस्त हैं या 3 साल पहले किसी उनके किसी परिवार के सदस्य को टीबी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पहचान किए गए लोगों पर स्टडी की जाएगी। उनकी अनुमति के बाद ही उनको वैक्सीन लगाई जाएगी।
डिप्टी सीएमओ डॉ. तरुण ने बताया कि व्यस्क बीसीजी टीबी वैक्सीनेशन के तहत पहले स्टडी की जाएगी। पहचान होने के बाद वैक्सीन लगाने के लिए उनकी अनुमति लगी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले 3 महीने में हर महीने एक-एक वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके बाद हर तीसरे महीने में एक वैक्सीन लगाई जाएगी और यह प्रक्रिया 3 साल तक चलेगी। जिन लोगों को वैक्सीन लगी है उन पर स्टडी की जाएगी कि 3 साल में क्या रिजल्ट निकलता है। अगर रिजल्ट बेहतर रहता है तो इसे सरकार रेगुलर कर सकती है। इसके अलावा 60 साल से अधिक आयु वर्ग के हर व्यक्ति को टीबी की वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीन लगाने के लिए गांवों में कैंप लगाए जाएंगे। वहीं सरकारी अस्पतालों में बुधवार और शनिवार को छोड़कर बाकी दिनों में वैक्सीन लगाई जाएगी।
गर्भवती महिलाओें को नहीं लगेगी वैक्सीन
जानकारी के अनुसार टीबी की वैक्सीन गर्भवती महिलाओं, जो महिलाएं बच्चों को दूध पिलाती है उनको या जो एचआईवी पॉजिटिव हो उन्हें ये वैक्सीन नहीं लगेगी। वैक्सीन लगाने का मकसद यह है कि 31 दिसंबर 2025 तक टीबी को जड़ से खत्म करना है। सर्वे को लेकर जिले से एमओ, आशा वर्कर, एएनएम को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें बताया गया कि किन लोगों की पहचान करनी है।