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कुमार, सिंह, रानी... सरनेम लिखा, 70 से अधिक नहीं दे सके परीक्षा

Sat, 05 Dec 2015 07:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
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 इंडियन बैंकिंग पर्सनल सर्विस में क्लर्क पद की ऑनलाइन परीक्षा देने आए 70 से अधिक अभ्यर्थियों को उनके सरनेम के कारण परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया।
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जिन अभ्यर्थियों के रोल नंबर में नाम के आगे सरनेम था, लेकिन उनकी आईडी में सरनेम नहीं था। ऐसे अभ्यर्थियों को वापस भेज दिया गया। टोहाना से परीक्षा देने पहुंची मीनू ने बताया कि उनके रोल नंबर में मीनू था। उसके आधार कार्ड में और अन्य दस्तावेजों में मीनू रानी लिखा था।

उनके भाई योगेश ने गांव जुगलान के सरपंच से अपनी रिश्तेदारी की पहचान के आधार पर सत्यापित प्रति भी दी, इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया।

रतिया निवासी नेहा ने बताया कि उनके रोल नंबर में नेहा मोंगा लिखा था। उसके आधार कार्ड में केवल नेहा लिखा है। सरनेम मेल नहीं खाने के कारण उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। नेहा ने बताया कि उसका फोटो आईडी मैच होने के बाद भी उसे परीक्षा से वंचित कर दिया गया।
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इस तरह की हुई परेशानी
हिसार के मॉडल टाउन निवासी पूजा भी पेपर देने पहुंची, जिसे सरनेम लगाना महंगा पड़ गया। पूजा की आईडी पर केवल पूजा नाम लिखा था। रोल नंबर पूजा जुलाहा था, इस कारण उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया।

काजला गांव से पेपर पहुंची पिंकी ने बताया कि उसके रोल नंबर में केवल पिंकी लिखा था। उसके वोटर कार्ड और अन्य दस्तावेजों में पिंकी रानी के कागजात थे। नाम में रानी जुड़ा होने के कारण उसे परीक्षा केंद्र में नहीं जाने दिया गया।

हिसार के आजाद नगर से पेपर देने पहुंची पूनम को भी इसी तरह से वापस लौटना पड़ा। रेवाड़ी से पेपर देने पहुंचे एक अभ्यर्थी ने बताया कि उनके रोल नंबर में सतीश कुमार लिखा था। उनकी आईडी में सतीश कुमार यादव था। इस कारण उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया।

सातरोड निवासी राजेश ने बताया कि उसके रोल नंबर में राजेश था। उसके आधार कार्ड में राजेश सैनी लिखा है। इस कारण उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। राजस्थान के भादरा से आए सोनू ने बताया कि रोल नंबर में सोनू था। दस्तावेजों में सोनू कुमार होने के कारण परीक्षा से बाहर कर दिया।

अदालत जाएंगे अभ्यर्थी.......
परीक्षा से वंचित किए गए स्टूडेंट्स ने बताया कि सरनेम, सिंह, कुमार, रानी आदि के चलते लोगों को परीक्षा से बाहर किया जाना गलत है। सभी की फोटो आईडी मैच हो रही थी। इस मामले को अदालत में लेकर जाएंगे। ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए दोबारा मौका दिया जाना चाहिए।
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बैंक की ओर से यह परीक्षा कराई गई थी। हमने केवल सेंटर उपलब्ध कराया। बैंक के अधिकारियों ने परीक्षा में इंट्री करने या न करने का फैसला लिया था। हां कुछ बच्चों की आईडी को लेकर दिक्कत आई थी। जिस कारण बच्चों को वापस जाना पड़ा।  - डॉ. पुनीत गोयल, निदेशक ओम इंस्टीट्यूट, हिसार
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