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सुपर- 100- दुर्घटना में घायल, अस्पताल में उपचाराधीन 10वीं कक्षा का छात्र अनिल एंबुलेंस में परीक्षा देने आया हिसार

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राजकीय विद्यालय सुशीला भवन के परीक्षा केंद्र से सुपर-100 की परीक्षा देकर बाहर आते विद्यार्थी। - फोटो : Hisar
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हिसार। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुशीला भवन के परीक्षा केंद्र में सुपर-100 की पहले चरण की प्रवेश परीक्षा में जिले के 364 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। एंबुलेंस में सवार होकर आए दौलतपुर गांव के 10वीं कक्षा के छात्र अनिल कुमार ने अधिकारियों, शिक्षकों, परीक्षा केंद्र में मौजूद परीक्षार्थियों को हैरानी में डाल दिया। परीक्षा से एक दिन पहले शुक्रवार को अनिल गांव में किसी की बाइक पर सवार होकर जा रहा था। एक गाड़ी ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में अनिल घायल हो गया। उसे उकलाना के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। उसके नाक, चेहरे व अन्य चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती रखा गया। अनिल निजी अस्पताल की एंबुलेंस में बैठ करीब 45 किलोमीटर दूर उकलाना से हिसार परीक्षा देने आया। अनिल ने कहा कि उसका डॉक्टर बनने का सपना है। परीक्षा केंद्र में मौजूद जिला शिक्षा अधिकारी कुलदीप सिहाग व अन्य शिक्षकों ने घायल छात्र अनिल कुमार का हौसला बढ़ाया।
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बिजली रही गुल, गर्मी में बैठ दी परीक्षा -
सुशीला भवन राजकीय विद्यालय के पास बिजली निगम के कर्मचारी मेंटेनेंस का कार्य कर रहे थे। इस दौरान इस एरिया में सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर करीब 2 दो बजे बिजली सप्लाई बाधित रही। इस कारण परीक्षा केंद्र में भी बिजली का कट रहा। शनिवार दोपहर करीब 45 डिग्री तापमान में बिना पंखे चले उमस में भी गर्मी में बैठकर 364 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के लिए 403 ने पंजीकरण किया था।
गणित विषय के ज्यादा आए प्रश्न -
परीक्षा देने आए छात्र रमेश, अनिल, खुशी, अनीता व मनीषा सहित अन्य छात्राओं ने बताया कि परीक्षा ऑफलाइन हुई थी। पेपर में गणित विषय के प्रश्न ज्यादा थे, जबकि यह परीक्षा आर्ट, नॉन मेडिकल व मेडिकल संकाय वाले विद्यार्थी भी देते हैं। गणित के साथ-साथ साइंस व अन्य विषयों के प्रश्न बराबर अनुपात में होने चाहिए थे। पेपर में कुल 50 प्रश्न थे। एक प्रश्न चार नंबर का था व सभी प्रश्न करने अनिवार्य थे।
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डॉक्टर व इंजीनियर बनने का सपना संजो दी परीक्षा -
मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं, मेरा सपना पूरा करने के लिए मैं खूब पढ़ाई करूंगी। डॉक्टर बनने की प्रेरणा मुझे मेरे स्कूल के शिक्षकों ने दी है।
स्वाती, छात्रा जीजीएसएसएस, गांव बालसमंद।
मैं बायोलॉजी के क्षेत्र में साइंटिस्ट बनना चाहती हूं। मेरे पापा किसान हैं। साइंटिस्ट बनने का सपना सुपर-100 कार्यक्रम के तहत पूरा करूंगी। हमारे गवर्नमेंट गर्ल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के शिक्षक हमें काफी प्रेरित करते हैं।
खुशी, छात्रा जीजीएसएसएस, बालसमंद।
मैं गायक बनना चाहती हूं। गायन के क्षेत्र में मेरी काफी रुचि है। लोक संगीत के साथ-साथ शास्त्रीय संगीतकार बनना चाहती हूूं। स्कूल से मुझे प्रेरणा मिली है।
अनीता, छात्रा जीजीएसएसएस, बालसमंद।
मैं इंजीनियर बनना चाहती हूं। मेरा पापा व मेरा भाई इलेक्ट्रॉनिक्स का कार्य करते हैं। उन्हीं को देखकर मुझे प्रेरणा मिली है। मैने अभी से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई का मन बना लिया है।
मनीषा, जीजीएसएसएस, बालसमंद।
शुक्रवार को गांव में ही मेरा एक्सीडेंट हो गया था। मैं उकलाना के एक अस्पताल में दाखिल हूं। मैं डॉक्टर बनना चाहता हूं। इस लक्ष्य के लिए सुपर-100 कार्यक्रम बेस्ट है। हम पांच भाई बहन हैं। मेरे पिता की करीब 6 साल पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। मैंने तभी से सोच लिया था कि डॉक्टर बनूंगा। इसी लक्ष्य के लिए मैं पढ़ाई कर रहा हूं। घायल होने के बाद भी मैंने परीक्षा दी है। अस्पताल की एंबुलेंस में बैठकर मैं परीक्षा देने आया हूं।
- अनिल कुमार, गांव दौलतपुर।
सत्र 2022-24 के लिए पहले चरण की परीक्षा हो चुकी है। 405 में 364 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए गणित विशेषज्ञ जगदीश जाखड़, विज्ञान विशेषज्ञ पूर्णिमा गुप्ता व प्राचार्या शर्मिला सिवाच का सहयोग रहा। परीक्षा के बाद सभी पेपर पैक कराकर रेवाड़ी केंद्र भेज दिए गए हैं।
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- कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी हिसार।
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