हिसार। सरकारी स्कूलों में हर साल आधा सत्र बीत जाने के बाद भी विद्यार्थियों को किताबें नहीं मिल पाती, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे में नए शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बालवाटिका सहित पहली से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों को किताबों के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि नया सत्र शुरू होने के करीब ढाई माह पहले ही शिक्षा निदेशालय ने उपरोक्त कक्षाओं के विद्यार्थियों का डाटा मांगा है। हर स्कूल मुखिया को आंकड़े संबंधित दस्तावेज देने पर डीईईओ की ओर से सत्यापन किया जाएगा और रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। इससे उम्मीद है कि विद्यार्थियों को अप्रैल-मई में ही पाठ्यक्रम पुस्तकें उपलब्ध हो सकेंगी।
बता दें कि हर बाद शिक्षा निदेशालय की ओर से अप्रैल व मई में पाठ्यक्रम पुस्तकें उपलब्ध करवाने के लिए विद्यार्थियों का डाटा मांगा जाता था। जिसे मिलने में अतिरिक्त डेढ़ से दो माह का वक्त और लग जाता था और विद्यार्थियों को 4 से 5 माह तक बिना किताबों के पढ़ाई करनी पड़ती थी। इस कारण सेट अर्थात स्टूडेंट असस्मेंट टेस्ट में अंक कम आते और विद्यार्थियों से लेकर संबंधित स्कूल का परीक्षा परिणाम खराब रहता। इस समस्या के समाधान के लिए शिक्षा निदेशालय ने करीब ढाई माह पहले ही किताबों के लिए यह प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है। हर बार कुल विद्यार्थियों की संख्या से 10 से 15 अतिरिक्त किताबों की डिमांड भेजी जाती है। जिले में बालवाटिका से आठवीं कक्षा तक के करीब 750 स्कूल हैं।
विद्यार्थियों का आंकड़ा
- कक्षा - विद्यार्थी
- बालवाटिका - 4096
- पहली - 5484
- दूसरी - 5834
- तीसरी - 9208
- चौथी - 11077
- पांचवीं - 11620
- छठी - 11630
- सातवीं - 11954
- आठवीं - 12945
हमारी तरफ से पाठ्यक्रम पुस्तकों के लिए विद्यार्थियों का डाटा बीईओ से मांगा गया है। साथ ही स्पष्ट कहा कि त्रुटियों को लेकर सचेत रहें। मुख्यालय को दुरुस्त आंकड़ा भेजा जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को समय पर किताबें मिल सकें। -
निर्मल दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार